पिछले कई घंटों से हो रही लगातार बारिश ने जिले भर में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं, कई जगह पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है, जबकि सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मिट्टी के घरों के धंसने और पेड़ गिरने की घटनाओं ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि कई परिवारों के सिर से छत ही छिन गई है, और वे अब खुले आसमान के नीचे या दूसरों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
सिमडेगा में दो परिवारों के घर ध्वस्त, अबुआ आवास स्वीकृत फिर भी नहीं मिली राहत
सिमडेगा जिले के बांसजोर प्रखंड की बांसजोर पंचायत अंतर्गत डोमरा टोली में लगातार बारिश के चलते सावित्री देवी (पति संदीप नायक) और अनीता देवी (पति विजय नायक) के घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि दोनों परिवारों के अबुआ आवास पहले से स्वीकृत थे, लेकिन उन्हें अब तक इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल सका था। घटना के बाद कांग्रेस पार्टी सिमडेगा जिला सेवा दल के मुख्य संगठक सह जिला परिषद सदस्य सामरोम पॉल टोपनो ने चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक आवास मुहैया कराने की मांग की है।
बोलबा प्रखंड में भी बारिश का कहर, कई घर हुए क्षतिग्रस्त
बता दे कुछ दिन दिन पहले भी बोलबा प्रखंड में भी मूसलाधार बारिश ने कई परिवारों के सामने आवास संकट खड़ा कर दिया है। पिड़ियापोछ पंचायत के तलमंगा गांव निवासी बबीता कुमारी (पिता स्व. देवराज सिंह) का मिट्टी का मकान लगातार बारिश से दीवारें कमजोर होने के कारण पूरी तरह धराशायी हो गया था । वहीं मालसाड़ा पंचायत के खंडा निशान भंडार टोली निवासी अरुण धनवार (पिता स्व. जेरोम धनवार) का मकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसकी दीवारों में गहरी दरारें पड़ गई हैं और परिवार को अनहोनी की आशंका सता रही है। भारी बारी के कारण जिले के विभिन्न प्रखंडों से इसी तरह की और भी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और सहायता की मांग की है।
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