Wednesday, November 4

बीजीएच में इलाज कराने पहुंचा था आरोपी, गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी; हत्याकांड का मुख्य शूटर सिपु कुमार अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

बोकारो। बोकारो के चर्चित शंकर रवानी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब दो वर्षों से फरार चल रहे नामजद आरोपी और कथित साजिशकर्ता नागेश्वर सिंह को हरला थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) में इलाज कराने पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस को उसकी मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम सक्रिय हुई और अस्पताल परिसर में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी को हत्याकांड की जांच और फरार आरोपियों की तलाश के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, नागेश्वर सिंह पर शंकर रवानी की हत्या की साजिश रचने और वारदात से पहले रेकी करने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद से ही वह फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। इसके बावजूद वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। आखिरकार बीजीएच में इलाज कराने पहुंचने के दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बिछाया जाल

जानकारी के अनुसार, नागेश्वर सिंह के बीजीएच पहुंचने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद हरला थाना पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई की योजना बनाई। पुलिसकर्मियों ने अस्पताल परिसर में निगरानी और घेराबंदी की। आरोपी को भनक लगने से पहले ही पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे हत्याकांड से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की गई। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि वारदात की साजिश में उसकी क्या भूमिका थी और घटना से पहले किन-किन लोगों के साथ उसका संपर्क था।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, नागेश्वर सिंह के खिलाफ पहले से दो आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस उसकी आपराधिक गतिविधियों और हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों के साथ उसके संबंधों की भी पड़ताल कर रही है।

22 आरोपियों के सामने आए थे नाम, 11 जा चुके हैं जेल

शंकर रवानी हत्याकांड में पुलिस की जांच के दौरान कुल 22 आरोपियों के नाम सामने आए थे। इनमें से अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। कई स्तरों पर जांच और कार्रवाई के बावजूद कुछ आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। नागेश्वर सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि हत्याकांड की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।

इस मामले में सबसे अहम नाम मुख्य शूटर सिपु कुमार का है, जो अब भी फरार चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। शंकर रवानी हत्याकांड में उसकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्य शूटर की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस के लिए अब भी चुनौती बना हुआ है।

राजू दुबे पर सीसीए लगाने की तैयारी

हत्याकांड से जुड़े एक अन्य आरोपी राजू दुबे पर भी पुलिस की नजर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर है। पुलिस उसके खिलाफ क्राइम कंट्रोल एक्ट (सीसीए) लगाने की प्रक्रिया में जुटी है। इसके तहत उसके आपराधिक गतिविधियों और कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया नागेश्वर

गिरफ्तारी के बाद हरला थाना पुलिस ने नागेश्वर सिंह से पूछताछ की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब हत्याकांड से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। नागेश्वर की गिरफ्तारी से मामले की जांच को नई दिशा मिलने की संभावना है। हालांकि, जब तक मुख्य शूटर सिपु कुमार समेत अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक इस चर्चित हत्याकांड की जांच पूरी तरह अंजाम तक पहुंचना बाकी है।

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