रांची: ज़ेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस) रांची ने स्विचऑन फ़ाउंडेशन और सारथी – झारखंड जस्ट ट्रांज़िशन नेटवर्क के सहयोग से शुक्रवार को संस्थान परिसर में ‘मूव फॉर अर्थ सिम्पोजियम 2026’ का आयोजन किया। “इनोवेशन और पार्टनरशिप के ज़रिए एफपीओ की ग्रोथ को तेज़ करना” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में विभिन्न स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाया गया, जिसका उद्देश्य फार्मर प्रोडूसर ऑर्गेनाईजेशन (एफपीओ) को मज़बूत और टिकाऊ ग्रामीण उद्यमों के रूप में विकसित करना था।
सिम्पोजियम की शुरुआत पौधों को पानी देकर की गई, जो विकास और नई शुरुआत का प्रतीक है। एक्सआईएसएस निदेशक डॉ जोसफ मारियानुस कुजूर एसजे ने कहा कि एफपीओ को प्रोफेशनल व्यवसायों की तरह विकसित होना चाहिए, जो किसानों को बाज़ार और कीमत तय करने की आज़ादी दें और टिकाऊ खेती व स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दें। मुख्य अतिथि, झारखंड सरकार के कृषि सचिव श्री अबूबकर सिद्दीकी पी ने सामूहिक पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी पर ज़ोर दिया।
एमओयू पर हस्ताक्षर और केस स्टडी बुकलेट जारी
कार्यक्रम में एक्सआईएसएस और स्विचऑन फ़ाउंडेशन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, साथ ही “स्टोरीज राइज़िंग फ्रॉम नेचर एंड कम्युनिटीज़” नामक केस स्टडी बुकलेट भी जारी की गई। स्विचऑन फ़ाउंडेशन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुश्री एकता जाजू ने एफपीओ को बाज़ार के लिए तैयार उद्यम बनाने पर ज़ोर दिया।
प्रदर्शनी और पिचथॉन विजेताओं का सम्मान
कार्यक्रम में एफपीओ उत्पादों, कृषि-तकनीक और रिन्यूएबल एनर्जी समाधानों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें जेएसएलपीएस, नीड्स, खेती, जेन फार्म्स जैसे संगठन शामिल हुए। साथ ही ‘मूव फॉर अर्थ पिचथॉन’ के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार और प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ, जिसमें आईसीऐआर-आईआईऐबी के संयुक्त निदेशक डॉ विजय पाल भडाना मुख्य अतिथि रहे।
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