चैंबर ने सौंपा ज्ञापन, बेहतर विधि-व्यवस्था और कारोबारी माहौल को बताया निवेश के लिए जरूरी
रांची, 1 अक्टूबर। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने बुधवार को लोकभवन में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान राज्य में व्यापार, उद्योग, निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए जरूरी कदमों को लेकर राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा।
मुलाकात के दौरान राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव, झारखंड नितिन मदन कुलकर्णी भी मौजूद रहे। चैंबर पदाधिकारियों ने राज्य के कारोबारी क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने सुझाव राज्यपाल के समक्ष रखे।
बेहतर विधि-व्यवस्था और कारोबारी माहौल पर जोर
चैंबर की ओर से कहा गया कि राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बेहतर विधि-व्यवस्था और अनुकूल कारोबारी वातावरण जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने व्यापारियों से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और अनावश्यक प्रशासनिक जटिलताओं को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
चैंबर ने ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने का सुझाव भी दिया। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि कारोबार से संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने से व्यापारियों को सुविधा मिलने के साथ राज्य में कारोबारी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
युवाओं के कौशल विकास और रोजगार पर सुझाव
बैठक में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। चैंबर ने उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगारोन्मुख कार्यक्रम चलाने का सुझाव दिया।
चैंबर का कहना है कि उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण मिलने से उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकते हैं और राज्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सकता है।
MSME और स्थानीय उद्यमियों को मजबूत करने की मांग
बैठक में छोटे और मध्यम कारोबारियों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। चैंबर ने MSME Facilitation एवं Support Mechanism को प्रभावी बनाने का सुझाव दिया। इसके साथ ही सरकारी खरीद में स्थानीय उद्यमियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने की बात भी रखी गई।
चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय कारोबारियों और नए उद्यमियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
खनिज आधारित उद्योग और स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग पर जोर
झारखंड की खनिज संपदा को ध्यान में रखते हुए खनिज आधारित वैल्यू एडिशन उद्योगों को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा कृषि और फूड प्रोसेसिंग आधारित उद्योगों के विस्तार पर भी चर्चा हुई।
ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए उनकी ब्रांडिंग और मार्केट विस्तार की जरूरत पर भी चैंबर ने राज्यपाल का ध्यान आकर्षित किया। महिला उद्यमिता को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर भी प्रतिनिधिमंडल ने अपने सुझाव रखे।
बढ़ते होल्डिंग टैक्स का मुद्दा भी उठा
राज्य के विभिन्न नगर निकायों में बढ़ते होल्डिंग टैक्स को लेकर चैंबर ने चिंता जताई। प्रतिनिधिमंडल ने करदाताओं की संख्या बढ़ाने और टैक्स बेस का विस्तार करने की दिशा में काम करने का सुझाव दिया, ताकि राजस्व बढ़ाने के साथ मौजूदा करदाताओं पर अतिरिक्त दबाव को लेकर भी संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जा सके।
बाबा बैद्यनाथ धाम में टूरिस्ट पुलिस की मांग
बैठक में धार्मिक पर्यटन और पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। चैंबर ने राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया।
विशेष रूप से बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्थायी टूरिस्ट पुलिस व्यवस्था की मांग रखी गई। साथ ही मंदिर के नजदीक टूरिस्ट थाना स्थापित करने पर विचार करने का सुझाव दिया गया, ताकि पर्यटकों से संबंधित शिकायतों और समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
राज्यपाल ने चैंबर पदाधिकारियों को दी शुभकामनाएं
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड चैंबर की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी समिति को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में उद्योग एवं व्यापार जगत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
राज्यपाल ने चैंबर की ओर से रखे गए सुझावों पर उचित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। साथ ही राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर चैंबर और संबंधित पक्षों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने की बात कही।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
लोकभवन में हुई इस मुलाकात के दौरान चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल, उपाध्यक्ष विकास विजयवर्गीय, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव अमित शर्मा, सह सचिव पूजा ढाढा और कोषाध्यक्ष नवजोत अलंग मौजूद रहे।
मुलाकात में रखे गए सुझावों में व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने से लेकर रोजगार, MSME, महिला उद्यमिता, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और औद्योगिक विकास तक कई विषय शामिल रहे।
