एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की रक्षापंक्ति की मजबूत कड़ी और झारखंड की बेटी निक्की प्रधान ने इस जीत को ऐतिहासिक करार दिया है। दो ओलंपिक सहित 219 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं निक्की के लिए यह लगातार तीसरा एशियन गेम्स था।

निक्की ने बताया कि इससे पहले के दो एशियन गेम्स में भारतीय टीम स्वर्ण पदक से चूक गई थी और इस बात की कसक खिलाड़ियों के मन में बनी हुई थी। इस बार टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए वह कमी पूरी कर दी। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से पूरी टीम बेहद खुश है।
इस स्वर्ण पदक की एक और बड़ी खासियत यह रही कि इसके साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजेल्स 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।
निक्की के अनुसार, इस सफलता की बुनियाद टीम की एकजुटता और आपसी तालमेल रही। पिछली बार मिली निराशा के बाद इस बार हर खिलाड़ी ने अपना शत-प्रतिशत योगदान दिया और सभी ने मिलकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने सहयोगी स्टाफ और प्रशिक्षकों का भी आभार जताया, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम का साथ दिया।
अपनी इस ऐतिहासिक जीत के लिए निक्की ने समस्त झारखंडवासियों और देशवासियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “यह स्वर्ण पदक पूरे देश की जीत है।”


