Friday, September 11

रांची। झारखंड में महिला किसानों को खेती के साथ आमदनी के दूसरे साधनों से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार जल्द ही ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। योजना का मकसद महिला किसानों को सिर्फ खेती तक सीमित रखने के बजाय उन्हें एक ऐसी कृषि व्यवस्था से जोड़ना है, जहां एक ही जमीन से सालभर आय के कई रास्ते तैयार हो सकें।

इसी को लेकर रांची के नेपाल हाउस स्थित सभागार में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विभाग के सचिव, विशेष सचिव, सभी निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में योजना के स्वरूप से लेकर लाभार्थियों के चयन, समेकित खेती के मॉडल, सरकार की सहायता और लाभुक के अंशदान समेत कई पहलुओं पर चर्चा की गई। विभाग अब योजना के अंतिम स्वरूप पर काम कर रहा है, जिसके बाद इसे मंत्रिपरिषद के समक्ष स्वीकृति के लिए पेश किया जाएगा।

एक एकड़ जमीन बनेगी कमाई की पूरी यूनिट

इस योजना की खास बात इसका समेकित खेती यानी Integrated Farming System मॉडल है। फिलहाल एक लाभुक महिला किसान के लिए एक एकड़ जमीन को आधार मानकर कृषि की ऐसी व्यवस्था तैयार करने की योजना है, जिसमें खेती के साथ कई दूसरी गतिविधियों को भी जोड़ा जा सके।

स्थानीय जरूरत और परिस्थितियों के हिसाब से एक मॉडल में बकरी पालन, सूकर पालन, बत्तख पालन, गाय पालन, मछली पालन और हॉर्टिकल्चर जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं।

मतलब किसान एक ही गतिविधि पर निर्भर न रहे। खेत से फसल मिले, पशुपालन से अलग आय हो, मछली पालन से कमाई हो और बागवानी से भी आमदनी का रास्ता बने।

विभाग का प्रयास है कि वैज्ञानिक और आधुनिक कृषि तकनीकों के इस्तेमाल से इन सभी गतिविधियों को एक-दूसरे से जोड़ा जाए, ताकि एक एकड़ जमीन को सिर्फ फसल उत्पादन की जगह पूरी आर्थिक इकाई के रूप में विकसित किया जा सके।

अभी तैयार किए जा रहे हैं 3-4 मॉडल

विभाग फिलहाल समेकित खेती के तीन से चार अलग-अलग मॉडल तैयार कर रहा है। इन मॉडलों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद यह तय होगा कि किस मॉडल में कौन-कौन सी गतिविधियां शामिल होंगी।

इसी के साथ सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता और महिला किसान की हिस्सेदारी भी तय की जाएगी।

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के मुताबिक, योजना में लाभुक महिला किसान का सीमित अंशदान रखने का प्रावधान प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य योजना में महिला किसानों की भागीदारी और अपने मॉडल के प्रति स्वामित्व की भावना को मजबूत करना है।

विभाग इस बात पर भी विचार कर रहा है कि योजना सफलतापूर्वक संचालित होने की स्थिति में लाभुक की ओर से दिया गया अंशदान वापस करने का प्रावधान रखा जाए।

पहले चरण में व्यक्तिगत महिला किसान होंगी लाभुक

योजना के शुरुआती चरण में व्यक्तिगत महिला किसानों को इसका लाभ देने का प्रस्ताव है। फिलहाल एक लाभुक के लिए एक एकड़ जमीन की आवश्यकता तय की गई है।

सरकार का जोर इस बात पर है कि महिला किसान सिर्फ खेत में काम करने वाली व्यक्ति न रहें, बल्कि अपने खेत से जुड़ी पूरी आर्थिक गतिविधि की संचालक बनें।

योजना के तहत खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी को एक साथ जोड़कर महिला किसानों के लिए आय के कई स्रोत तैयार करने की कोशिश की जाएगी।

योजना तैयार करने से पहले महिला किसानों से भी लिए गए सुझाव

इस योजना को तैयार करने से पहले राज्य स्तर पर विभिन्न संस्थाओं, विशेषज्ञों और महिला किसानों के साथ बैठक की गई थी। इसमें महिला किसानों के अनुभव और सुझाव लिए गए।

मंत्री के अनुसार, उन्हीं सुझावों को ध्यान में रखते हुए समेकित खेती को योजना का आधार बनाया जा रहा है।

यानी योजना का मॉडल सिर्फ कागज पर तैयार करने के बजाय खेती से जुड़े लोगों के अनुभव और स्थानीय जरूरतों को भी इसमें शामिल करने की कोशिश की जा रही है।

अब मंत्रिपरिषद की मंजूरी का इंतजार

फिलहाल विभाग योजना के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। लाभार्थियों के चयन से लेकर खेती के मॉडल, सरकारी सहायता और लाभुक अंशदान तक की व्यवस्था तय की जा रही है।

इसके बाद प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इसे राज्य की महिला किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण और फ्लैगशिप योजना के रूप में विकसित करने की बात कही है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समेकित खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय व आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य के तहत इस योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।

अगर योजना प्रस्तावित रूप में लागू होती है, तो इसका मूल विचार यही होगा कि एक एकड़ जमीन पर सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि खेती से जुड़े कई काम एक साथ चलें और महिला किसान के पास आमदनी के एक से ज्यादा साधन हों।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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