रांची: रांची विश्वविद्यालय में सत्र और परीक्षा में हो रही देरी को लेकर मंगलवार को NSUI की ओर से विरोध-प्रदर्शन किया गया। NSUI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की विभिन्न समस्याओं को उठाया। संगठन ने आरोप लगाया कि लगातार सत्र विलंब की वजह से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और आगे की पढ़ाई के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

छह महीने बाद भी परीक्षा प्रक्रिया में तेजी नहीं आने का आरोप
NSUI नेताओं ने कहा कि सरोज शर्मा के रांची विश्वविद्यालय की कुलपति बनने के बाद छात्रों को उम्मीद थी कि लंबे समय से चली आ रही सत्र की देरी दूर होगी। संगठन के मुताबिक, कुलपति के कार्यभार संभालने के करीब छह महीने बाद भी परीक्षा और रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं आई है।
NSUI का कहना है कि सत्र 2023-26 और 2027 के विद्यार्थियों की अब तक केवल तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा हुई है। इसका रिजल्ट हाल ही में जारी किया गया है, जबकि चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के लिए अब जाकर फॉर्म भरने की तिथि जारी की गई है।
वहीं, सत्र 2024-27 और 2028 के विद्यार्थियों की अब तक केवल दो सेमेस्टर की परीक्षाएं हुई हैं। NSUI के मुताबिक, इस समय तक कम से कम चार सेमेस्टर की परीक्षाएं हो जानी चाहिए थीं। इसी तरह सत्र 2025-28 और 2029 के विद्यार्थियों की अब तक केवल प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा हुई है और उसका रिजल्ट भी जारी नहीं किया गया है।
आंदोलन के बाद जारी होती है परीक्षा से जुड़ी अधिसूचना
प्रदर्शन के दौरान NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि जब भी छात्र आंदोलन की तैयारी करते हैं, विश्वविद्यालय प्रशासन आनन-फानन में परीक्षा या रिजल्ट से संबंधित अधिसूचना जारी करता है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कई परीक्षाओं के परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को फेल कर दिया जाता है।
NSUI का कहना है कि एक ओर विश्वविद्यालय समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं कर पा रहा है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा देने के बाद भी बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। संगठन ने दावा किया कि आंदोलन की घोषणा के बाद ही चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की तिथि जारी की गई।
परीक्षा नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन, तालाबंदी की चेतावनी
प्रदर्शन के बाद NSUI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। संगठन ने कहा कि पिछले आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षाओं का एक टेंटेटिव शेड्यूल जारी किया गया था, लेकिन उसके अनुसार भी परीक्षाएं आयोजित नहीं की जा रही हैं।
NSUI ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जारी टेंटेटिव शेड्यूल के अनुसार समय पर परीक्षाएं आयोजित करे और सभी लंबित सत्रों को जल्द पूरा करे। संगठन के अनुसार, सत्र में देरी के कारण कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है।
NSUI ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तय समय के अनुसार परीक्षाएं आयोजित नहीं की गईं और पूरे सेमेस्टर का परीक्षा कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया, तो संगठन दोबारा बड़ा आंदोलन करेगा। संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर विश्वविद्यालय में तालाबंदी करने की भी चेतावनी दी है।
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