Tuesday, October 13

एशियाई खेलों में चीन को हराकर भारत ने 44 साल बाद जीता महिला हॉकी का स्वर्ण; मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पुरस्कार की घोषणा की, हॉकी इंडिया भी पहले कर चुका है इनाम का ऐलान

भुवनेश्वर। एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक सफलता के बाद ओडिशा सरकार ने खिलाड़ियों और टीम के सहयोगी स्टाफ को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को 11 लाख रुपये और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ सदस्य को 5.5 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। सरकार ने यह पुरस्कार भारतीय महिला हॉकी टीम के शानदार प्रदर्शन और देश को गौरवान्वित करने के सम्मान में घोषित किया है।

भारतीय टीम ने एशियाई खेलों के महिला हॉकी फाइनल में मौजूदा चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने 44 साल का इंतजार खत्म किया। इससे पहले भारत ने वर्ष 1982 के एशियाई खेलों में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। इस बार की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भारतीय टीम को 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए सीधे क्वालिफिकेशन मिला है।

हर खिलाड़ी को 11 लाख, सहयोगी स्टाफ को 5.5 लाख रुपये

ओडिशा सरकार की घोषणा के अनुसार, भारतीय महिला हॉकी टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को 11 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, टीम की तैयारी, प्रशिक्षण और मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों का साथ देने वाले सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 5.5 लाख रुपये मिलेंगे।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने टीम को बधाई देते हुए खिलाड़ियों के संकल्प, मेहनत और प्रतिबद्धता की सराहना की। राज्य सरकार ने कहा कि भारतीय हॉकी को सहयोग देना और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

यह पुरस्कार हॉकी टीम की उपलब्धि को सम्मानित करने के साथ-साथ देश में महिला खेलों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी एक कदम है।

हॉकी इंडिया भी कर चुका है पुरस्कार की घोषणा

ओडिशा सरकार से पहले हॉकी इंडिया ने भी भारतीय महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीत पर नकद पुरस्कार देने की घोषणा की थी। 2 अक्टूबर को घोषित इस पुरस्कार के तहत प्रत्येक खिलाड़ी को 11 लाख रुपये और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ सदस्य को 5.5 लाख रुपये दिए जाने की बात कही गई थी।

इसके अगले दिन ओडिशा सरकार ने भी इसी राशि के पुरस्कार की घोषणा की। यानी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए हॉकी इंडिया तथा ओडिशा सरकार की ओर से अलग-अलग पुरस्कार घोषित किए गए हैं। दोनों घोषणाओं को एक ही पुरस्कार मानना सही नहीं होगा।

ओडिशा के खेल विभाग के सचिव भूपेंद्र सिंह पूनिया ने भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से घोषित पुरस्कार हॉकी इंडिया द्वारा घोषित इनाम के अतिरिक्त है।

फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर रचा इतिहास

भारतीय महिला हॉकी टीम और चीन के बीच फाइनल मुकाबला कड़ा रहा। चीन मौजूदा चैंपियन होने के साथ ओलंपिक रजत पदक विजेता टीम भी है। ऐसे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ भारत ने शुरुआती बढ़त हासिल की और मैच के अंत तक उसे बरकरार रखा।

भारत की ओर से लालरेमसियामी ने मुकाबले के 10वें मिनट में रिवर्स-स्टिक शॉट के जरिए गोल किया। यही गोल मैच का निर्णायक गोल साबित हुआ। इसके बाद चीनी टीम ने बराबरी करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने रक्षात्मक खेल में संयम बनाए रखा और विपक्षी टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया। अंततः भारत ने 1-0 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया।

44 साल बाद महिला हॉकी में एशियाई स्वर्ण

भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए यह जीत लंबे इंतजार के बाद आई है। भारत ने पिछली बार 1982 के एशियाई खेलों में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। उसके बाद टीम को इस उपलब्धि के लिए चार दशक से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।

इस बार की जीत ने भारतीय महिला हॉकी को एशियाई स्तर पर फिर से स्वर्ण पदक दिलाया। फाइनल में चीन जैसी मजबूत टीम को हराने के लिए भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में अनुशासन और सामूहिक प्रयास का परिचय दिया। एक गोल की बढ़त के बावजूद टीम ने आखिरी समय तक अपनी रक्षापंक्ति को मजबूत बनाए रखा।

इस उपलब्धि से खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ के योगदान को भी पहचान मिली है।

ओलंपिक 2028 के लिए भी मिली सीधी जगह

एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का असर सिर्फ पदक तालिका तक सीमित नहीं है। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल कर लिया है।

इससे टीम को आगामी ओलंपिक की तैयारी के लिए स्पष्ट लक्ष्य और समय मिलेगा। अब खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के सामने अपनी मौजूदा लय को बनाए रखने, फिटनेस पर काम करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन को मजबूत करने की चुनौती होगी।

भारतीय हॉकी को लंबे समय से सहयोग दे रहा है ओडिशा

ओडिशा सरकार भारतीय हॉकी से लंबे समय से जुड़ी रही है। राज्य वर्ष 2018 से भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के साथ-साथ जूनियर टीमों का आधिकारिक प्रायोजक रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, राज्य सरकार ने हॉकी के लिए अपनी प्रायोजन प्रतिबद्धता को 2036 तक बढ़ाया है।

हॉकी के प्रति ओडिशा की यह भागीदारी खिलाड़ियों को संसाधन उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय टीमों को सहयोग देने और खेल के लिए अनुकूल माहौल बनाने से जुड़ी है। महिला टीम की एशियाई स्वर्ण पदक जीत के बाद घोषित पुरस्कार इसी सहयोग की एक और कड़ी है।

महिला खिलाड़ियों की उपलब्धि को मिला सम्मान

भारतीय महिला हॉकी टीम की इस जीत ने खेल जगत में देश का मान बढ़ाया है। चीन के खिलाफ फाइनल में 1-0 की जीत, 44 साल बाद स्वर्ण पदक और ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन इस अभियान की प्रमुख उपलब्धियां रहीं।

ओडिशा सरकार ने प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 11 लाख और सहयोगी स्टाफ के लिए 5.5 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा कर टीम के प्रयासों को सम्मानित किया है। इससे पहले हॉकी इंडिया भी इतनी ही राशि के पुरस्कार का ऐलान कर चुका है। इस तरह टीम की उपलब्धि को दो अलग-अलग संस्थाओं की ओर से आर्थिक सम्मान मिला है।

 

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