Monday, September 21

पतरातू (रामगढ़)। झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल पतरातू डैम और लेक रिसोर्ट की सुरक्षा में तैनात गार्डों के सामने इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। यहां कमांडो सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से काम कर रहे करीब 35 से 40 सुरक्षा गार्डों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन के इंतजार में गार्डों के लिए बच्चों की स्कूल फीस, पढ़ाई, घर का राशन और रोजमर्रा के जरूरी खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है। कई गार्डों को दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए उधार का सहारा लेना पड़ रहा है।

पर्यटन विभाग से एजेंसी को चार माह से भुगतान नहीं

गार्डों के वेतन भुगतान में देरी का कारण पर्यटन विभाग की ओर से सिक्योरिटी एजेंसी को राशि का भुगतान नहीं होना बताया जा रहा है। कमांडो सिक्योरिटी एजेंसी के ऑपरेशन मैनेजर प्रदीप कुमार के अनुसार, पर्यटन विभाग की ओर से मई 2026 से एजेंसी को भुगतान नहीं किया गया है, जिस कारण सुरक्षा गार्डों का वेतन अटक गया है। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग से एजेंसी को जल्द राशि मिलने की संभावना है और राशि प्राप्त होने के बाद आगामी दो-चार दिनों में सुरक्षा गार्डों को दो माह के मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा।

पहले भी वेतन भुगतान को लेकर कर चुके हैं हड़ताल

वेतन भुगतान में देरी का यह मामला नया नहीं है। गार्डों के अनुसार, इससे पहले भी पर्यटन विभाग की ओर से एजेंसी को करीब आठ माह तक राशि का भुगतान नहीं किया गया था, जिसके कारण गार्डों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा था। मई महीने में वेतन भुगतान की मांग को लेकर सुरक्षा गार्डों ने हड़ताल भी की थी, जिसके बाद उन्हें दो माह का वेतन भुगतान किया गया था।

तीन माह से वेतन नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

सुरक्षा गार्डों ने बताया कि वे नियमित रूप से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, इसके बावजूद लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस और पढ़ाई के खर्च के साथ घर का राशन व अन्य जरूरी खर्च पूरा करना चुनौती बन गया है। कई गार्डों ने बताया कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उन्हें उधार लेना पड़ रहा है। गार्डों ने संबंधित एजेंसी और पर्यटन विभाग के अधिकारियों से बकाया वेतन का जल्द भुगतान कराने की मांग की है, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।

पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता

पतरातू डैम और लेक रिसोर्ट क्षेत्र में पर्यटकों की लगातार आवाजाही रहती है, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात गार्डों की भूमिका महत्वपूर्ण है। गार्डों का कहना है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने का असर उनकी आर्थिक स्थिति के साथ-साथ मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। समय पर भुगतान नहीं होने से उनके सामने परिवार चलाने की चिंता बनी हुई है।

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