रांची : सदर थाना क्षेत्र के बूटी मोड़ से फार्मासिस्ट दीपक कुमार करीब डेढ़ महीने से लापता हैं। 35 वर्षीय दीपक कुमार 30 जुलाई को अपनी भतीजी को छोड़ने के बाद अचानक गायब हो गए थे। काफी तलाश के बावजूद अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मामले में उनकी पत्नी किरण कुमारी ने सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। 10 सितंबर तक भी दीपक की बरामदगी नहीं हो सकी थी।
भतीजी को छोड़ने के बाद गायब हुए दीपक
परिजनों के अनुसार, 30 जुलाई को दीपक अपनी भतीजी कोचिंग के सिलसिले में बाहर गए थे। दोपहर करीब 3:30 बजे उनकी भतीजी अकेले वापस कमरे पर लौट आई, लेकिन दीपक घर नहीं पहुंचे। पूछताछ में भतीजी ने बताया कि दीपक उसे बूटी मोड़ तक छोड़कर चले गए थे। इसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
रिपोर्ट के मुताबिक, दीपक अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गए थे। हालांकि, उनका आधार कार्ड और आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम कार्ड उनके पास था।
लापता होने वाले दिन खाते से निकले ₹5 हजार
मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि दीपक के लापता होने वाले दिन ही उनके बैंक खाते से 5,000 रुपये की निकासी की जानकारी सामने आई। पुलिस इस बैंक ट्रांजेक्शन को भी जांच का अहम हिस्सा मानकर चल रही है। इसके साथ ही आसपास और संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि दीपक की आखिरी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
कोडरमा के रहने वाले हैं दीपक
दीपक कुमार मूल रूप से कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र के बिचरिया गांव के रहने वाले हैं। फिलहाल वह रांची के सदर थाना क्षेत्र स्थित भूमिहार कॉलोनी में किराये के मकान में रहते थे और बूटी मोड़ स्थित मणिपाल अस्पताल में फार्मासिस्ट के तौर पर काम करते थे।
पुलिस की जांच जारी, परिवार को बरामदगी का इंतजार
दीपक के लापता होने के बाद परिवार ने अपने स्तर पर भी उनकी तलाश की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और बैंक ट्रांजेक्शन समेत उपलब्ध सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
दीपक के परिजनों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि आखिर वह बूटी मोड़ से कहां गए और उनके बैंक खाते से पैसे किसने निकाले। करीब 42 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। पुलिस से परिजनों ने दीपक को जल्द से जल्द सकुशल बरामद करने की गुहार लगाई है।
