नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य , दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की। इस दौरान उन्होंने आईआईटी दिल्ली के रिसर्च एंड इनोवेशन पार्क में 80 से अधिक स्टार्टअप से जुड़े युवा उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं से संवाद भी किया।
संजय सेठ ने कहा कि भारत के स्टार्टअप अब केवल नए व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विकसित भारत की मजबूत नींव और आत्मनिर्भर भारत की नई शक्ति बन चुके हैं।
युवा उद्यमियों के साथ नवाचार और राष्ट्रनिर्माण पर चर्चा
आईआईटी दिल्ली के रिसर्च एंड इनोवेशन पार्क में आयोजित संवाद के दौरान संजय सेठ ने युवा उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं (इनोवेटर्स ) के अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और राष्ट्रनिर्माण से जुड़े प्रयासों को जाना। उन्होंने युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नए विचारों को व्यावहारिक नवाचार में बदलने की दिशा में भारतीय युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश का युवा नए विचारों को नवाचार और राष्ट्रनिर्माण की शक्ति में बदल रहा है।
रक्षा क्षेत्र में स्टार्टअप्स की बढ़ती भूमिका
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि देश के युवा स्टार्टअप रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता को गति दे रहे हैं। रक्षा, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में काम कर रहे युवा उद्यमियों के प्रयास भारत की सामरिक क्षमताओं को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अनुसंधान, तकनीक और स्टार्टअप इकोसिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका है। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और नए समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप देश की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की अहम भूमिका
संजय सेठ ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। स्टार्टअप, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के माध्यम से युवा देश की अर्थव्यवस्था और रणनीतिक क्षमताओं को नई दिशा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को ऐसे ही नए विचारों, अनुसंधान और नवाचार की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से अपने नवाचार और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया।
संजय सेठ ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से हासिल नहीं होगा, बल्कि इसमें देश के युवा उद्यमियों, शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
इसे भी पढ़े :-आदिवासी छात्रों के लिए बड़ा मौका, 50 हज़ार तक मिलेगा पुरस्कार



