Monday, September 21

रांची के लालपुर स्थित ऑर्किड अस्पताल में मरीज की मौत के बाद शनिवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल में हुए इलाज और बिलिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। मामले ने तूल पकड़ा तो सिविल सर्जन ने जांच के लिए टीम भेजी।परिजनों का आरोप है कि मरीज की मौत रात करीब 2 बजे ही हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी सुबह 5:30 बजे तक फार्मेसी का बिल बनाया जाता रहा। यानी मौत के करीब साढ़े तीन घंटे बाद तक बिलिंग चलती रही। परिजन इसे अस्पताल की बिलिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल मानते हैं।

दो घंटे में 200 इंजेक्शन पर सवाल

परिजनों ने इलाज को लेकर भी सवाल उठाया है। उनके मुताबिक करीब दो घंटे के भीतर 200 इंजेक्शन दिए जाने की बात सामने आई है, जिस पर उन्हें भरोसा नहीं हो रहा। वे जानना चाहते हैं कि इतने कम समय में इतने इंजेक्शन देने की जरूरत क्या थी। यह अभी परिजनों का दावा और सवाल है। अस्पताल की ओर से इस पर कोई पक्ष खबर में नहीं है।

तीन डॉक्टरों की टीम ने की जांच

मामले की जानकारी मिलने पर सिविल सर्जन ने तीन डॉक्टरों की टीम को अस्पताल भेजा। टीम ने जांच कर अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है। रिपोर्ट में क्या निकला, यह अभी सामने नहीं आया है।परिजनों ने पुलिस पर एफआईआर दर्ज नहीं करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने विधायक इरफान अंसारी से मामले में कार्रवाई की मांग की है।

अब रिपोर्ट पर टिकी नजर

अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। तब तक सभी बातें परिजनों के आरोप के स्तर पर ही हैं।

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