झारखंड में मानसून के आखिरी दौर में बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दरअसल बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन झारखंड पर भारी पड़ रहा है, जिसके चलते 24 सितंबर से शुरू हुई बारिश 25 और 26 सितंबर तक लगातार जारी रही। रांची समेत राज्य के कई इलाकों में इन तीन दिनों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे अब खेतों में लगी फसलों को नुकसान की आशंका गहरा गई है।

डीसी ने अधिकारियों को दिए सर्वे के निर्देश
रांची में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने बारिश की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने अपर समाहर्ता और सभी अंचल अधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने इलाकों में बारिश से हुए नुकसान की जानकारी जुटाएं। खास तौर पर खेती और फसलों पर बारिश के असर का आकलन करने को कहा गया है।
कृषि पदाधिकारी को भी सौंपी गई जिम्मेदारी
जिला कृषि पदाधिकारी को भी पूरे जिले में फसल नुकसान का सर्वे कराने का निर्देश दिया गया है। इस सर्वे में यह देखा जाएगा कि कितने इलाके में फसल खराब हुई है, कितने किसान प्रभावित हुए हैं और नुकसान का अनुमानित आंकड़ा कितना है।
खेतों में जलजमाव से बढ़ी मुश्किलें
पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर खेतों में पानी जमा होने की स्थिति बन गई है। वहीं, तेज बारिश के कारण खड़ी फसलों के प्रभावित होने की भी आशंका है। ऐसे में किसानों को होने वाले नुकसान को लेकर प्रशासन ने अब आकलन शुरू करने का फैसला लिया है।
रिपोर्ट के बाद ही तय होगी राहत की कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि नुकसान की पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही राहत को लेकर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। इसलिए अधिकारियों को सर्वे का काम जल्द पूरा कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। फिलहाल रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में बारिश का असर बना हुआ है।
आगे की स्थिति पर बनी रहेगी नजर
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और खेतों में फसलों पर इसका असर प्रशासन और कृषि विभाग के लिए अहम रहेगा। सर्वे पूरा होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि लगातार हुई बारिश से जिले में कितने किसानों और कितने फसल क्षेत्र को नुकसान हुआ है।


