रांची-रामगढ़ मार्ग से सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। जिस चुटूपालू घाटी का नाम सुनते ही वाहन चालकों के मन में डर बैठ जाता है, अब उसी घाटी की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है।
बार-बार होने वाले सड़क हादसों और भारी वाहनों के ब्रेक फेल होने की घटनाओं के बीच NHAI ने इस पूरे मार्ग को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई फोरलेन सड़क बनाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है और इसके लिए सर्वे भी कराया जा रहा है।
क्यों बन गई थी चुटूपालू घाटी हादसों का दूसरा नाम?
चुटूपालू घाटी झारखंड के सबसे संवेदनशील सड़क मार्गों में गिनी जाती है। खासकर रामगढ़ से रांची की ओर आने वाली तीखी ढलान पर भारी वाहन अक्सर नियंत्रण खो देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार ढलान पर ब्रेक लगाने से ब्रेक सिस्टम अत्यधिक गर्म हो जाता है। कई बार इसी वजह से ब्रेक फेल हो जाते हैं और ट्रक, ट्रेलर या अन्य भारी वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। यही कारण है कि इस घाटी में आए दिन हादसों की खबरें सामने आती रहती हैं।
अब क्या है NHAI का नया प्लान?
NHAI ने घाटी के पास स्थित पहाड़ को काटकर नई फोरलेन सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस परियोजना का मकसद सड़क के नए एलाइनमेंट के जरिए ढलान को कम करना है, ताकि भारी वाहनों पर दबाव कम पड़े और दुर्घटनाओं की संभावना भी घटे।
फिलहाल इस प्रस्ताव की व्यवहार्यता जानने के लिए सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद DPR तैयार होगी। तकनीकी और पर्यावरणीय मंजूरियां मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
दो महीने में 10 बड़े हादसों ने बढ़ाई चिंता
चुटूपालू घाटी में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने प्रशासन और एनएचएआई दोनों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले दो महीनों के दौरान यहां 10 बड़े सड़क हादसे दर्ज किए गए। केवल जुलाई महीने में ही पांच गंभीर दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें कई ट्रक और ट्रेलर ब्रेक फेल होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इन हादसों में वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा और कई लोगों की जान भी जोखिम में पड़ी।
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पहले भी कई कदम उठाए गए थे। चुटूपालू घाटी को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया, चेतावनी बोर्ड लगाए गए, स्पीड लिमिट तय की गई, रंबल स्ट्रिप, कैट्स आई और रिफ्लेक्टर लगाए गए। इसके बावजूद हादसों में अपेक्षित कमी नहीं आ सकी। यही वजह है कि अब सड़क के डिजाइन में बदलाव को सबसे प्रभावी समाधान माना जा रहा है।
हजारों यात्रियों के लिए बन सकती है राहत की राह
यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो हर दिन इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों यात्रियों, ट्रक चालकों और व्यावसायिक वाहनों को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित सफर मिल सकेगा। वर्षों से हादसों की वजह से बदनाम रही चुटूपालू घाटी अब सुरक्षित यात्रा की नई पहचान बन सकती है।
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