रांची। महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को डीएवी पब्लिक स्कूल हेहल की ओर से ‘रन फॉर डीएवी’ मैराथन का आयोजन किया गया। डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमिटी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और एनएसएस-एनसीसी कैडेट्स ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सुबह-सुबह आयोजित इस मैराथन में स्कूल परिसर से लेकर दौड़ के पूरे मार्ग पर प्रतिभागियों में खासा उत्साह नजर आया।
मैराथन में विद्यालय के करीब 500 विद्यार्थी और 150 शिक्षक, साथ ही एनएसएस और एनसीसी के कैडेट्स शामिल हुए। करीब 4 किलोमीटर लंबी इस दौड़ की शुरुआत सुबह 5:35 बजे झारखंड नर्सरी, रांची से हुई। निर्धारित मार्ग से होते हुए धावक विद्यालय परिसर पहुंचे, जहां मैराथन का समापन किया गया।
प्राचार्य ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
मैराथन को विद्यालय के प्राचार्य सह क्षेत्रीय निदेशक (एआरओ) विपिन राय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें अनुशासन के साथ दौड़ में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं में ऊर्जा और उत्साह के साथ अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण भी होना जरूरी है। ऐसे आयोजनों के जरिए विद्यार्थियों को शारीरिक रूप से सक्रिय रखने के साथ-साथ उनके भीतर नेतृत्व, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है।
शीर्ष 10 प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
करीब चार किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के बाद सबसे पहले निर्धारित स्थान तक पहुंचने वाले शीर्ष 10 विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्राचार्य ने विजेताओं को शील्ड प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया।
सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने विजेताओं का तालियों से उत्साहवर्धन किया। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल जीत हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नियमित व्यायाम, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और अनुशासन की आदत विकसित करना भी है।
देशभर के डीएवी परिवार के जुड़ने का दावा
प्राचार्य विपिन राय ने अपने संबोधन में कहा कि देश को युवाओं की प्रतिभा और उनकी सक्रिय भागीदारी की जरूरत है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में इस तरह के आयोजन पिछले कई वर्षों से किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर डीएवी’ के माध्यम से देशभर के डीएवी परिवार को एक साझा विचार और अनुशासन के साथ जोड़ने का प्रयास किया जाता है। उनके अनुसार, इस आयोजन में पूरे भारत के 903 विद्यालय, 75 महाविद्यालय और एक विश्वविद्यालय के परिवार के सदस्य भाग लेते हैं। इस दौड़ के जरिए विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक मंच पर आने का अवसर मिलता है।
दौड़ के साथ स्वच्छता का भी संदेश
मैराथन के साथ-साथ विद्यालय परिसर में एनएसएस और एनसीसी के विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान भी चलाया। कैडेट्स ने परिसर में साफ-सफाई की और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस स्वच्छता अभियान को कार्यक्रम की थीम से भी जोड़ा गया। दौड़ के माध्यम से स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश देने के साथ विद्यार्थियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाई।
आयोजन में इनकी रही अहम भूमिका
‘रन फॉर डीएवी’ को सफल बनाने में विद्यालय के एसएच बी. कार्तिक, अनुश्री, शालिनी प्रसाद, इंचार्ज एनडीजी ब्लॉक सहित विद्यालय के सभी खेल प्रशिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों के मार्गदर्शन से लेकर आयोजन की व्यवस्थाओं तक में सहयोग किया।
गांधी और शास्त्री जयंती के मौके पर आयोजित इस मैराथन में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शिक्षकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। दौड़, सम्मान समारोह और स्वच्छता अभियान के जरिए विद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश दिया गया।
