Ranchi News: सहारा इंडिया की चार अलग-अलग कंपनियों में जमा झारखंड के निवेशकों की रकम वापस कराने की मांग को लेकर रविवार से रांची में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू होने जा रहा है। निवेशकों के मुताबिक, उनकी करीब 32 हजार करोड़ रुपये की राशि फंसी हुई है। आंदोलन रांची स्थित लोकभवन के समीप आयोजित किया जाएगा।
प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच ने राज्यभर के लिए अलर्ट जारी किया है। स्पेशल ब्रांच ने आंदोलन को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर डीजीपी, सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और जिलों के एसपी को भेजी है। रिपोर्ट में प्रशासन को सतर्क रहने, आंदोलन की गतिविधियों पर नजर रखने और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई स्थिति पैदा न हो।
निवेशकों और एजेंटों का संयुक्त आंदोलन
स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सत्याग्रह सहारा इंडिया में अपनी जमा पूंजी फंसने का दावा करने वाले निवेशकों और एजेंटों की ओर से संयुक्त रूप से किया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें फंसी रकम की वापसी से लेकर सहारा से जुड़े मामलों की जांच और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग शामिल है।
क्या हैं निवेशकों की प्रमुख मांगें?
32,000 करोड़ रुपये की राशि वापस कराने की मांग
आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार से सहारा में झारखंड के निवेशकों के फंसे 32,000 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है। इसके लिए सरकार से हस्तक्षेप याचिका दाखिल करने की मांग भी रखी गई है।
संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई
निवेशकों की दूसरी प्रमुख मांग सहारा इंडिया से जुड़े संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।
अलग जांच आयोग बनाने की मांग
सहारा से जुड़े मामलों में निवेशकों की शिकायतों और समस्याओं की सुनवाई के लिए एक अलग और समर्पित जांच आयोग के गठन की मांग भी की गई है।
मृतकों के परिवारों को आर्थिक मदद
आंदोलनकारियों ने उन परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है, जिन्होंने सहारा से जुड़े कथित वित्तीय और मानसिक तनाव के बीच अपने परिजनों को खोया है।
400 से 500 निवेशकों और एजेंटों के पहुंचने की संभावना
स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित सत्याग्रह में झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से करीब 400 से 500 निवेशकों और एजेंटों के शामिल होने की संभावना है। आंदोलन का नेतृत्व ‘जनसेवा संस्थान’ के राष्ट्रीय सचिव नागेंद्र कुमार, अध्यक्ष अशोक कुमार राम, प्रदेश अध्यक्ष सफकत नाज और प्रदेश सचिव संतोष साहू के नेतृत्व में किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस रिपोर्ट में 86,673 करोड़ रुपये का उल्लेख
स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट में सहारा समूह से जुड़े वित्तीय मामले का एक बड़ा आंकड़ा भी सामने आया है। पुलिस मुख्यालय के तत्कालीन डीजीपी अनुराग गुप्ता की ओर से पूर्व में राज्य सरकार को बकाया भुगतान और आयोग के गठन से संबंधित रिपोर्ट भेजी गई थी। इसमें कुल 86,673 करोड़ रुपये के घोटाले का उल्लेख किया गया था।
रिपोर्ट में सहारा समूह की अलग-अलग सोसाइटियों में जमा राशि का विवरण भी दिया गया था।
– सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड: 47,245 करोड़ रुपये
– सहारा मल्टीपर्पज सोसाइटी: 1,800 करोड़ रुपये
– सहारा स्टार मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी: 8,470 करोड़ रुपये
– सहारा इंडिया कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड: 12,958 करोड़ रुपये
आंदोलन को लेकर प्रशासन सतर्क
रविवार से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन सत्याग्रह को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने राज्य के विभिन्न स्तरों के अधिकारियों को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के बाद अब प्रशासन की नजर आंदोलन में शामिल होने वाले निवेशकों और एजेंटों की संख्या, प्रदर्शन की स्थिति और कानून-व्यवस्था पर रहेगी।
सहारा में फंसी रकम की वापसी की मांग को लेकर होने वाला यह सत्याग्रह कब तक चलेगा और सरकार की ओर से इस पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर अब सभी की नजर है।
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