हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित हुईं विभिन्न प्रतियोगिताएं, विजेता प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत; प्राचार्य बिपिन राय ने साहित्य को बताया मानवीय मूल्यों के विकास का सशक्त माध्यम

रांची। डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल में आयोजित तीन दिवसीय साहित्यिक प्रतियोगिता का बुधवार, 4 नवंबर को उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में समापन हुआ। 2 से 4 नवंबर तक चले इस साहित्यिक आयोजन में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, साहित्यिक प्रतिभा और अभिव्यक्ति कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। कविता, विचार और अभिव्यक्ति के इस संगम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से निर्णायक मंडली और उपस्थित श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया।
प्रतियोगिता के दौरान कविता वाचन, आशु भाषण, भाषण, कहानी वाचन, स्वरचित कविता सहित विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने भावपूर्ण कविता पाठ, प्रभावशाली वक्तव्य और तार्किक विचारों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। अलग-अलग विधाओं में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि विकसित करना और उनकी सृजनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना था। साथ ही विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, चिंतनशीलता और प्रभावशाली अभिव्यक्ति कौशल का विकास करना भी प्रतियोगिता का प्रमुख लक्ष्य रहा।
समापन समारोह में निर्णायक मंडली के सदस्यों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना की और उन्हें निरंतर अध्ययन, चिंतन एवं साहित्य सृजन के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सह सहायक क्षेत्रीय अधिकारी बिपिन राय ने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने और मानवीय मूल्यों के विकास का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के सुपरवाइजरी हेड बी. कार्तिक, अनुश्री सिन्हा, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
तीन दिनों तक चले इस साहित्यिक महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ साहित्य, भाषा और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ने का अवसर दिया। यह आयोजन उनके लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ।


