बोकारो: जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बोकारो इंजीनियरिंग क्लस्टर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना की पहल की जा रही है। इसके जरिए स्थानीय औद्योगिक इकाइयों को आधुनिक मशीनों, तकनीकी संसाधनों और गुणवत्ता परीक्षण जैसी सुविधाएं साझा रूप से उपलब्ध कराने की योजना है। इससे छोटी इकाइयों को महंगी मशीनों पर अलग-अलग निवेश किए बिना आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सकेगा।
इस संबंध में एमएसई-सीडीपी के तहत बोकारो इंजीनियरिंग क्लस्टर को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय उपनिदेशक ने की। इसमें जियाडा, बोकारो प्रक्षेत्र के सहायक विकास पदाधिकारी, एमएसएमई के सहायक निदेशक, डीएफओ से संबंधित पदाधिकारी, जियाडा के पीएमओ, क्लस्टर के एसपीवी सदस्य और विभिन्न औद्योगिक एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में कॉमन फैसिलिटी सेंटर के माध्यम से स्थानीय उद्योगों को मिलने वाली सुविधाओं और इसके संभावित लाभों पर चर्चा की गई।
छोटी इकाइयों को आधुनिक तकनीक का साझा लाभ
कॉमन फैसिलिटी सेंटर के जरिए छोटी औद्योगिक इकाइयों को महंगी मशीनों और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का साझा उपयोग करने का अवसर मिलेगा। इससे उत्पादन लागत कम करने, उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर बनाने और तकनीकी उन्नयन में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, स्टील, खनन और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की मांग के अनुरूप कल-पुर्जों के निर्माण को भी बढ़ावा मिल सकता है।
स्थानीय उद्योग और रोजगार को मिल सकती है गति
इस पहल से बोकारो की स्थानीय MSME इकाइयों की उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक दक्षता में सुधार की संभावना है। तकनीकी सुविधाओं की उपलब्धता से उद्यमियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर विकसित हो सकते हैं। इसके साथ ही, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के जरिए रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना और उसका प्रभावी संचालन इस पहल को जमीन पर उतारने के अहम चरण होंगे। यदि साझा तकनीकी सुविधाएं उद्यमियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचती हैं, तो इससे बोकारो के इंजीनियरिंग क्लस्टर और स्थानीय औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल सकती है।
