सुकुरहुटू स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में आवंटन प्रक्रिया शुरू करने की मांग, किराया-लीज व्यवस्था पर ट्रांसपोर्टर्स के साथ बैठक का सुझाव
रांची: राजधानी रांची के सुकुरहुटू स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के शीघ्र संचालन और ट्रांसपोर्टर्स को परिसर आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर फेडरेशन ऑफ झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को परिवहन सचिव राजीव रंजन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर के उद्घाटन के करीब तीन वर्ष बाद भी इसका विधिवत संचालन शुरू नहीं हो पाया है, जिससे जिस उद्देश्य से इस परियोजना का निर्माण किया गया था, उसका अपेक्षित लाभ शहर और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को नहीं मिल पा रहा है।
चैम्बर प्रतिनिधियों ने परिवहन सचिव से आग्रह किया कि संबंधित विभागों, स्टेकहोल्डर्स और ट्रांसपोर्टर्स के साथ समन्वय कर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, ताकि ट्रांसपोर्ट नगर को संचालित किया जा सके।
शहर को जाम से राहत देने के उद्देश्य से हुआ था निर्माण
चैम्बर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण राजधानी को जाम की समस्या से राहत देने और परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया गया था। भारी वाहनों के शहर में प्रवेश और उनके ठहराव से संबंधित समस्याओं को कम करने में ट्रांसपोर्ट नगर की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
उन्होंने कहा कि परियोजना लंबे समय से संचालन की प्रतीक्षा में है। ऐसे में इसे वर्तमान स्थिति में ही जल्द से जल्द ट्रांसपोर्टर्स को सुपुर्द कर आवंटन और संचालन की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
किराया और लीज व्यवस्था को लेकर असमंजस दूर करने की मांग
चैम्बर की ओर से ट्रांसपोर्ट नगर के परिसरों के आवंटन, किराया और लीज व्यवस्था को लेकर ट्रांसपोर्टर्स के बीच बनी असमंजस की स्थिति को दूर करने का सुझाव दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इसके लिए झारखंड चैम्बर, रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जानी चाहिए। बैठक में सभी पक्षों के सुझाव लेकर व्यावहारिक और पारदर्शी व्यवस्था तय की जा सकती है।
भारी वाहनों की जरूरत के अनुसार बदलाव की अनुमति मिले
चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर की मौजूदा संरचना में जहां आवश्यकता हो, वहां निर्धारित नियमों के तहत ट्रांसपोर्टर्स को अपने स्तर से व्यवहारिक संशोधन करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट कारोबार की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारी वाहनों के आवागमन, लोडिंग-अनलोडिंग, पार्किंग और वेयरहाउसिंग जैसी सुविधाओं को बेहतर तरीके से विकसित किया जाना जरूरी है। इससे ट्रांसपोर्ट नगर का उपयोग अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
दूसरे चरण के निर्माण में ट्रांसपोर्टर्स की भागीदारी की मांग
चैम्बर के सह सचिव अमित शर्मा और पूजा ढाढा ने ट्रांसपोर्ट नगर के द्वितीय चरण के निर्माण कार्य में ट्रांसपोर्टर्स की सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि दूसरे चरण की निर्माण योजना को अंतिम रूप देने से पहले झारखंड चैम्बर, रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और संबंधित ट्रांसपोर्टर्स के साथ बैठक की जानी चाहिए। इसमें ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों के व्यावहारिक सुझाव लिए जाएं, ताकि भविष्य में ट्रांसपोर्ट नगर के संचालन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
सचिव ने संयुक्त निरीक्षण का दिया भरोसा
परिवहन सचिव राजीव रंजन ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखे गए सुझावों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही नगर विकास विभाग के समन्वय से ट्रांसपोर्ट नगर स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान ट्रांसपोर्टर्स के लिए उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यकताओं की समीक्षा की जाएगी और इसके आधार पर आवंटन प्रक्रिया शुरू करने की पहल की जाएगी।
अंतरराज्यीय बस परमिट का मुद्दा भी उठा
मुलाकात के दौरान चैम्बर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने राज्यस्तरीय परिवहन प्राधिकार में गैर-सरकारी सदस्यों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि गैर-सरकारी सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने के कारण पिछले एक वर्ष से अंतरराज्यीय बसों के परमिट निर्गत कराने में असुविधा हो रही है। इससे राज्य के बस व्यवसायी दुविधा की स्थिति में हैं।
चैम्बर अध्यक्ष के आग्रह पर परिवहन सचिव ने बताया कि संबंधित अधिसूचना जारी करने के लिए विभाग की ओर से आवश्यक अनुशंसा की जा चुकी है।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
परिवहन सचिव से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष तुलसी पटेल, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव अमित शर्मा, सह सचिव पूजा ढाढा, रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह, सुनील सिंह चौहान और श्याम बिहारी सिंह शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि स्थल निरीक्षण और संबंधित विभागों के साथ समन्वय के बाद ट्रांसपोर्ट नगर के आवंटन और संचालन की प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे शहर की परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकेगी।
