Thursday, September 24

यूको बैंक के कर्मचारियों और अधिकारियों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ यूको बैंक वर्कफोर्स (UFBUW) ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को बैंक शाखाओं के खुले रहने के मामले पर बड़ा निर्णय लेते हुए हड़ताल पर जाने वाले बैंक कर्मियों ने रविवार को बैंक आने और ड्यूटी करने से इंकार कर दिया है। बैंककर्मियों का कहना है कि रविवार को काम करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए ओवरटाइम और वित्तीय मुआवजे का भुगतान किया जाएगा तभी कोई पहल संभव है। लेकिन, बैंक प्रबंधन ने जो रीलिज जारी की थी उसके अनुसार 28 सितम्बर से 30 सितम्बर तक स्ट्राइक है इसलिए रविवार को बैंक खुले रहेंगे। मामला साफ था कि रविवार की ड्यूटी  के लिए ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाना है।  यह मांग AIBOC, AIBEA और BEFI के प्रमुख घटकों के प्रतिनिधियों की ओर से यूको बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ (प्रभारी) आर के साबू और कार्यकारी निदेशक को औपचारिक रूप से भेजी गई है। हड़ताल पर जाने वाले बैंक कर्मियों का बड़ा फैसला, रविवार को नहीं आएंगे बैंक।

वित्त मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के बाद जारी हुए निर्देश

पत्र में बताया गया है कि वित्त मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति और भारतीय रिजर्व बैंक की 22 सितंबर 2026 की मंजूरी के बाद यूको बैंक ने आंतरिक निर्देश जारी करते हुए कहा है कि रविवार, 27 सितंबर 2026 को सभी शाखाएं, कार्यालय, एटीएम-लिंक शाखाएं और करेंसी चेस्ट पूरी तरह से चालू रहेंगे। इसी संदर्भ में संयुक्त मंच ने प्रबंधन के सामने कुछ अहम बिंदु रखे हैं।

“No Work, No Pay” के उलट “Extra Work, Extra Pay” की मांग

संगठन ने कहा है कि जब प्रबंधन हड़ताल के दौरान सख्ती से “No Work, No Pay” नीति लागू करता है, तो साप्ताहिक अवकाश के दिन काम करने पर तर्कसंगत और वैधानिक रूप से “Extra Work, Extra Pay” का सिद्धांत भी लागू होना चाहिए। संगठन ने यह भी मांग की है कि रविवार को कार्यालय आने के लिए स्टाफ को स्पष्ट और लिखित निर्देश दिए जाएं, ताकि किसी तरह का असमंजस न रहे।

वर्कमेन के लिए 200% भुगतान, अधिकारियों के लिए दोहरे वेतन की मांग

पत्र में 1996 के पहले द्विपक्षीय समझौते के क्लॉज 14:15 और 1984 के चौथे द्विपक्षीय समझौते के क्लॉज XI.1 का हवाला देते हुए कहा गया है कि रविवार या साप्ताहिक अवकाश के दिन काम करने वाले वर्कमेन (चौकीदार के रूप में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सहित) को उनके प्रति घंटा वेतन का 200% भुगतान किया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि सिर्फ कंपनसेटरी ऑफ देना अधिकारियों के लिए नाकाफी है, क्योंकि शाखाओं में स्टाफ की भारी कमी के कारण अधिकारी शायद ही कभी अपना कंपनसेटरी ऑफ भुना पाते हैं। इसलिए अधिकारियों के लिए एक दिन के वेतन के बराबर दोहरी वित्तीय राशि सीधे मासिक वेतन के अतिरिक्त स्वीकृत करने की मांग की गई है।

पत्र पर AIUCBOF के महासचिव संदीप चौबे, AIUCBEF के महासचिव पार्थ चंदा और UCBEA के महासचिव प्रकाश चंद्र रे के हस्ताक्षर हैं। इसकी प्रतिलिपि बैंक के कार्यकारी निदेशक वी एन कामले और HRM विभाग के अधिकारियों को भी भेजी गई है।

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