नागौर में यूको बैंक के ATM को निशाना बनाने पहुंचे थे आरोपी, सायरन बजते ही जागीं मैनेजर; पुलिस ने दोनों को बूथ के अंदर से किया गिरफ्तार
राजस्थान के नागौर जिले में आधी रात ATM लूटने पहुंचे दो बदमाशों की कोशिश बैंक मैनेजर की सूझबूझ और ई-सर्विलांस सिस्टम की वजह से नाकाम हो गई। दोनों आरोपी ATM बूथ के अंदर घुसे ही थे कि सायरन बज उठा। आवाज सुनकर ऊपर बैंक परिसर में बने आवास में रह रहीं महिला बैंक मैनेजर जाग गईं। उन्होंने अपने पति के साथ मौके पर पहुंचकर बिना घबराए ATM बूथ का शटर बाहर से बंद कर दिया और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने कुछ ही देर में दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

रात करीब 2:13 बजे ATM में घुसे बदमाश
घटना मारवाड़ मूंडवा स्थित यूको बैंक के ATM की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, रात करीब 2:13 बजे दो युवक ATM बूथ में दाखिल हुए। उनका कथित तौर पर मकसद ATM में रखी नकदी को लूटना था।
उस समय ATM में करीब 16 लाख 900 रुपये की नकदी मौजूद थी। दोनों युवक अपने मकसद को अंजाम दे पाते, इससे पहले ही ATM में लगे ई-सर्विलांस सिस्टम ने संदिग्ध गतिविधि को लेकर सायरन बजा दिया।
सायरन की आवाज बैंक की ब्रांच मैनेजर सरिता चौधरी तक पहुंची। सरिता चौधरी बैंक के ऊपर बने क्वार्टर में अपने पति के साथ रहती हैं। अचानक सायरन बजने के बाद उन्होंने स्थिति को समझने में देर नहीं की और तुरंत ATM बूथ की ओर रवाना हो गईं।
अंदर दो युवकों को देखकर मैनेजर ने दिखाई सूझबूझ
ATM के पास पहुंचने के बाद बैंक मैनेजर और उनके पति ने अंदर देखा तो वहां दो युवक मौजूद थे। दोनों को देखकर उन्होंने शोर मचाने या सीधे उनका सामना करने के बजाय सूझबूझ से काम लिया।
मैनेजर ने ATM बूथ का शटर बाहर से बंद कर दिया, जिससे दोनों युवक अंदर ही फंस गए। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को घटना की जानकारी दी।
पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। ATM बूथ को चारों तरफ से घेर लिया गया और दोनों आरोपियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। पुलिस ने दोनों को बूथ के अंदर से गिरफ्तार कर लिया।
एक आरोपी चलाता है चाय का ढाबा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुंडू निवासी भरत प्रजापत और बिहार निवासी कोमल कुमार राजपूत के रूप में हुई है। बताया गया है कि भरत प्रजापत चाय का ढाबा चलाता है, जबकि कोमल कुमार राजपूत उसके यहां काम करता है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति की बाइक लेकर ATM तक पहुंचे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बाइक किसकी थी और दोनों ने ATM को निशाना बनाने की योजना कैसे तैयार की थी।
16 लाख से ज्यादा की नकदी लूटने से बची
इस पूरी घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि बदमाश ATM में मौजूद भारी नकदी तक पहुंचने में सफल नहीं हो सके। बैंक ATM में करीब 16 लाख 900 रुपये रखे हुए थे। अगर सायरन समय पर नहीं बजता और मैनेजर ने तत्परता नहीं दिखाई होती, तो आरोपी नकदी तक पहुंचने की कोशिश कर सकते थे।
ई-सर्विलांस सिस्टम के अलर्ट के बाद बैंक मैनेजर की त्वरित कार्रवाई और पुलिस की तत्परता से वारदात को मौके पर ही रोक दिया गया।
पुलिस कर रही है आगे की जांच
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों ने ATM की रेकी पहले से की थी या नहीं, वारदात के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं और जिस बाइक से दोनों पहुंचे थे, वह उन्हें किसने उपलब्ध कराई थी।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इस घटना में बैंक मैनेजर की सतर्कता और ATM के ई-सर्विलांस सिस्टम की सक्रियता से न सिर्फ संभावित लूट की वारदात टली, बल्कि दोनों संदिग्धों को मौके से ही पकड़ लिया गया।


