रांची: सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में रविवार को वात्सल्यम् 2026 – ग्रैंडपेरेंट्स डे का आयोजन स्नेह, उल्लास और भावनाओं से भरपूर माहौल में हुआ। कक्षा एक और दो के नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों के जरिए दादा-दादी के प्रति प्रेम और कृतज्ञता जताई। कार्यक्रम की थीम ‘एडुवेरिस – शिक्षा का नया युग’ रही, जिसमें परंपरागत मूल्यों और आधुनिक शिक्षा के खूबसूरत मेल को प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने स्वागत गीत, नृत्य और सरस्वती वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी। मैत्री बंधन समारोह ने ग्रैंडपेरेंट्स और बच्चों के बीच स्नेह, अपनत्व और पीढ़ियों के रिश्ते को भावपूर्ण तरीके से सामने रखा।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री संजय धर, कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन-एलएंडडी), सेल मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के नए दौर में आधुनिक कौशल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बेहद जरूरी है। STEM शिक्षा, बहुभाषिकता, कला, खेल और तकनीक बच्चों के ज्ञान का दायरा बढ़ाते हैं, वहीं ग्रैंडपेरेंट्स बच्चों में सहानुभूति, सम्मान, दृढ़ता और अपनत्व जैसे मानवीय गुण विकसित करते हैं।
मंच पर दिखा ‘एडुवेरिस’ का नया अंदाज
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अलग-अलग प्रस्तुतियों के जरिए शिक्षा के बदलते स्वरूप की झलक दिखाई। कक्षा दूसरी बी और ई के बच्चों ने ‘विज्ञान और सृजन’ के माध्यम से वैज्ञानिक सोच को सामने रखा। दूसरी कक्षा सी और एफ ने ‘क्रिएटिव कॉसमॉस’ में कला के जरिए गणित और विज्ञान को समझाने का प्रयास किया।
वहीं दूसरी कक्षा ए और डी के विद्यार्थियों ने ‘लिटिल लीडर्स’ के जरिए रचनात्मकता, आत्मविश्वास और 21वीं सदी के कौशलों को प्रदर्शित किया। कक्षा पहली बी और सी के बच्चों ने ‘मल्टीलिंगुअल मोमेंटम’ के माध्यम से बहुभाषिक शिक्षा का महत्व बताया। पहली डी और ई के विद्यार्थियों ने ‘विजन 2047: द एआई क्लासरूम’ के जरिए भविष्य की तकनीक आधारित शिक्षा की कल्पना प्रस्तुत की।
इसके अलावा पहली कक्षा ए और एफ ने ‘तरंग खेल की’ के माध्यम से बच्चों के जीवन में खेलों की भूमिका को रेखांकित किया, जबकि पहली कक्षा जी के विद्यार्थियों ने ‘उम्मीदों की उड़ान’ में STEM, बहुभाषिकता, नवाचार, खेल और विद्यार्थियों के सपनों को एक साथ पिरोया।
सावन की रंगत ने बढ़ाई समारोह की रौनक
कार्यक्रम के दौरान आयोजित जीवंत सावन उत्सव ने समारोह में रंग और सांस्कृतिक उल्लास भर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों के बीच सावन की झलक ने पूरे कार्यक्रम को और यादगार बना दिया। विद्यालय की हेड गर्ल ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर स्कूल की उपलब्धियों और महत्वपूर्ण पड़ावों की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
‘परंपरा और तकनीक साथ-साथ आगे बढ़ें’
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने कहा कि ‘एडुवेरिस’ का उद्देश्य बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है, लेकिन उन्हें अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़े रखते हुए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का होना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन में ग्रैंडपेरेंट्स का स्नेह, अनुभव और मार्गदर्शन उन्हें मजबूत आधार देता है। सार्थक शिक्षा तभी संभव है, जब परंपरा और नवाचार एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ें।


