Saturday, October 31

रांची: दीपावली से पहले पटाखा दुकानों को लेकर रांची में प्रशासन और नगर निगम के अलग-अलग आदेशों ने दुकानदारों की मुश्किल बढ़ा दी है। एक ओर जिला प्रशासन की ओर से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में अस्थायी पटाखा बिक्री के लिए शर्तों के साथ लाइसेंस जारी किया गया है, तो दूसरी ओर रांची नगर निगम ने सार्वजनिक सूचना जारी कर साफ कहा है कि स्टेडियम परिसर में पटाखा बिक्री के लिए किसी भी व्यक्ति या विक्रेता को NOC अथवा किसी तरह की अनुमति नहीं दी जाएगी। दोनों आदेश सामने आने के बाद दुकानदारों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है कि आखिर वे दुकान लगाएं या नहीं।

दरअसल,उपयुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची के कार्यालय  से 30 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आवंटित स्थल पर दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर पटाखों की अस्थायी बिक्री के लिए अनुमति दी है। यह अनुमति 4 नवंबर से 8 नवंबर 2026 तक के लिए है। हालांकि, इसके साथ कई शर्तें भी रखी गई हैं। आदेश के मुताबिक, पटाखों की बिक्री भंडारण क्षमता अधिनियम के अनुरूप करनी होगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के तहत केवल ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति होगी। इसके अलावा पटाखों का ध्वनि स्तर 125 डेसीबल से अधिक नहीं होना चाहिए।

लाइसेंसधारी को अग्निशमन विभाग से दुकान की पूर्ण जांच करानी होगी और उसके निर्देशों का पालन करना होगा। दुकान के 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। सुरक्षा के लिए दोनों तरफ 6-6 किलो बालू वाली बाल्टियां, छह किलो का फायर एक्सटिंग्विशर, पानी से भरा ड्रम और कम से कम दो कंबल रखना भी अनिवार्य किया गया है।

वहीं, इसी तारीख यानी 30 अक्टूबर को रांची नगर निगम के एनफोर्समेंट सेल की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम रांची नगर निगम की संपत्ति है और परिसर उसके स्वामित्व एवं नियंत्रण में है। ऐसे में स्टेडियम परिसर में पटाखा बिक्री के लिए किसी भी व्यक्ति या विक्रेता को निगम की ओर से NOC या किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी जाएगी। निगम ने इच्छुक विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिया है कि वे परिसर में पटाखा बिक्री के लिए अस्थायी शेड, दुकान या कोई अन्य संरचना तैयार न करें और न ही इसकी तैयारी शुरू करें। आदेश का उल्लंघन करने पर झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जब जिला प्रशासन की ओर से स्टेडियम परिसर में अस्थायी पटाखा बिक्री का लाइसेंस जारी किया गया है, तो नगर निगम उसी परिसर में किसी भी तरह की अनुमति देने से इनकार क्यों कर रहा है? दोनों विभागों के आदेशों में तालमेल की कमी का खामियाजा उन दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है, जो त्योहार से पहले दुकान लगाने की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में प्रशासन और नगर निगम के बीच स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है, ताकि दुकानदारों को समय रहते पता चल सके कि वे कहां और किन शर्तों के तहत पटाखों की बिक्री कर सकते हैं।

Share.
Next Story
केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक से नवाजे जाएंगे झारखंड के 28 पुलिस अधिकारी-जवान, IG से आरक्षी तक का चयन
Exit mobile version