Friday, October 23

धनबाद। नवरात्रि के पावन अवसर पर धनबाद में बेटियों के सम्मान और उनके जन्म का स्वागत करने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई। खुशियों की उड़ान NGO और रोटी बैंक यूथ क्लब की ओर से निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH), धनबाद में 51 नवजात कन्याओं का पूजन कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान बच्चियों को वस्त्र और मिठाइयां भेंट की गईं तथा उनके सिर पर चुनरी ओढ़ाकर सुखद, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस पहल के माध्यम से समाज को संदेश दिया गया कि बेटियां परिवार और समाज की अनमोल धरोहर हैं और उनके जन्म को खुशी के साथ स्वीकार करना चाहिए।

नवरात्रि के पहले पांच दिनों में जन्मी बच्चियों का सम्मान

संस्था की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में नवरात्रि के प्रथम दिन से पांच दिनों के भीतर जन्म लेने वाली 51 नवजात कन्याओं को शामिल किया गया। धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन के माध्यम से कन्या पूजन की परंपरा को सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ जोड़ा गया।

कार्यक्रम के दौरान नन्ही बच्चियों को वस्त्र और मिठाइयां भेंट की गईं। उनके सिर पर चुनरी ओढ़ाकर सम्मान व्यक्त किया गया। संस्था के सदस्यों ने बच्चियों के बेहतर स्वास्थ्य, खुशहाल जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

आयोजकों का मानना है कि बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने से समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा। इस तरह के प्रयास परिवारों को यह संदेश भी देते हैं कि बेटा और बेटी दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

कन्या सम्मान और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की पहल

खुशियों की उड़ान NGO और रोटी बैंक यूथ क्लब की इस संयुक्त पहल का मुख्य उद्देश्य बेटियों के जन्म का स्वागत करना और उनके प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना था। संस्था ने इस आयोजन के माध्यम से समाज को याद दिलाया कि बेटियों को प्यार, सुरक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना चाहिए।

कन्या पूजन भारतीय परंपरा में विशेष महत्व रखता है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। इसी भावना को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए संस्था ने नवजात बच्चियों का सम्मान किया।

कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि धार्मिक आस्था तभी सार्थक होती है, जब उसके साथ समाज में समानता, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को भी महत्व दिया जाए। बेटियों के प्रति सम्मान केवल किसी विशेष पर्व तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।

सरिता सिंह और रवि शेखर समेत कई सदस्य रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में खुशियों की उड़ान NGO की अध्यक्ष सरिता सिंह और रोटी बैंक यूथ क्लब के अध्यक्ष रवि शेखर उपस्थित रहे। इनके अलावा निहारिका सिंह, मंजू पांडे, अंजलि, कल्याणी, सपना ओझा, अंजू, राधा और शिप्रा सहित अन्य सदस्यों ने भी भाग लिया।

सभी सदस्यों ने मिलकर नवजात कन्याओं के पूजन और सम्मान के कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने बच्चियों के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए उनके बेहतर भविष्य की कामना की। आयोजन के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और बेटियों के सम्मान के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया।

‘बेटी है तो कल है’ का दिया संदेश

कार्यक्रम के समापन पर संस्था की ओर से बेटियों के महत्व और उनके सम्मान का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के साथ बेटियों का सम्मान करना भी समाज की जिम्मेदारी है। हर बेटी को सुरक्षित वातावरण, समान अवसर और आगे बढ़ने का अधिकार मिलना चाहिए।

खुशियों की उड़ान NGO और रोटी बैंक यूथ क्लब की इस पहल ने धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया। ‘बेटी है तो कल है, बेटी का सम्मान ही समाज का अभिमान है’ के संदेश के साथ संस्था ने बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और उनके जन्म को खुशियों के साथ मनाने की अपील की।

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