Tuesday, September 22

झारखण्ड फ़िल्म डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के बीच बुधवार रको MoU संपन्न हुआ. इस अवसर पर राज्य के सीएम हेमंत सोरेन  ‘झारखण्ड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट’ (JFTI) के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए.  राज्य के युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की सोच को धरातल पर उतारते हुए, यह कदम उठाया गया है. संस्थान का मुख्य उद्देश्य युवाओं, विशेषकर मास मीडिया और सिनेमा में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण और स्किलिंग प्रदान करना है.

 

साउंड डिजाइनिंग, एडिटिंग, एनिमेशन, स्क्रिप्ट व स्क्रीनप्ले राइटिंग, सिनेमैटोग्राफी, डायरेक्शन और फिल्म प्रोडक्शन की ट्रेनिंग

संस्थान के पूर्णतः क्रियाशील होने के शुरुआती चरण में Short-duration Courses शुरू किए जाएंगे. साउंड डिजाइनिंग, एडिटिंग, एनिमेशन, स्क्रिप्ट व स्क्रीनप्ले राइटिंग, सिनेमैटोग्राफी, डायरेक्शन और फिल्म प्रोडक्शन जैसे सिनेमा के सभी प्रमुख अंगों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस मौके पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखण्ड के परिपेक्ष में डॉ. रामदयाल मुंडा जी की पंक्ति याद आती है, “जे नाची से बाची”. कहने का तात्पर्य, इस राज्य के लोगों के अंदर कलाकार छुपा हुआ है. कई कारणों से वह छुपा कलाकार बाहर नहीं आ पाता. इस MoU के ज़रिए उन कलाकारों को ढूंढा जाएगा और तराशा जाएगा.

राज्य के युवाओं के भीृतर छुपे कलाकार को तराशा जाएगाः हेमंत

झारखण्ड की कई प्रतिभाएं आज भी अनछुई हैं. किस तरीके से एक संथाली मूवी को बड़ा अवार्ड मिला और वे सदस्य भी यहाँ मौजूद हैं. ऐसे अवार्ड और भी आ सकते हैं, बशर्ते इन्हें थोड़ा तराशने की आवश्यकता होगी. तराशने का यही कार्य अब इस प्लेटफार्म के माध्यम से होगा. मुझे लगता है कि इस प्लेटफार्म के माध्यम से नौजवानों के लिए एक नया आयाम खुलने जा रहा है. एक समय था जब डॉक्टर या इंजीनियर बनाना ही हर किसी का सपना होता था, लेकिन आज विविधता इतनी अधिक है कि आप किसी भी क्षेत्र में अपने हुनर को आकार देकर अपनी पहचान बना सकते हैं.

Share.
Next Story
JPSC विवाद में बड़ा एक्शन: JPSC के पूर्व अध्यक्ष आवास पर छापेमारी
Exit mobile version