Tuesday, September 22

रांची: 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी (CID) ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें 28 जुलाई को सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। जांच एजेंसी उनसे परीक्षा संचालन, परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया, आउटसोर्स एजेंसी के चयन और आयोग के प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ करेगी।

सीआईडी के अनुसार, अब तक गिरफ्तार और पूछताछ किए गए आरोपियों के बयानों में एल. ख्यांग्ते का नाम सामने आया है। इसी आधार पर उनसे मामले की बारीकियों और निर्णय प्रक्रिया से संबंधित जानकारी ली जाएगी। इससे पहले सीआईडी की टीम उनके आवास पर छापेमारी भी कर चुकी है। समन जारी होने के बाद मामले में उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

इधर, सीआईडी जांच और विपक्ष के आरोपों के बीच पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते ने पहली बार पूरे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 6 मार्च 2025 को अध्यक्ष पद संभाला था, उस समय आयोग कई चुनौतियों और लंबित मामलों से जूझ रहा था। उनके कार्यकाल में बैकलॉग मामलों और शिक्षकों की प्रोन्नति से जुड़े कई लंबित मामलों का निष्पादन किया गया तथा आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार के प्रयास किए गए।

परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों पर उन्होंने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं के संग्रहण से लेकर स्ट्रांग रूम तक की पूरी प्रक्रिया अत्यंत गोपनीय और निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत संचालित होती है। उन्होंने दावा किया कि मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन और रिजल्ट प्रोसेसिंग में अध्यक्ष की कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं होती, बल्कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की जाती हैं।

छह महीने पहले शिकायतें मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि आयोग को प्रतिदिन ईमेल और डाक के माध्यम से कई तरह की शिकायतें प्राप्त होती हैं। आयोग की प्राथमिकता हमेशा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षा संपन्न कराना रही है तथा संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।

परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी के चयन और कथित ब्लैकलिस्टेड एजेंसी के विवाद पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि एजेंसी का चयन पूरी जांच-परख के बाद किया जाता है। यदि बाद में एजेंसी के संबंध में कोई तथ्य सामने आए हों या उसे ब्लैकलिस्ट किया गया हो, तो इसकी जानकारी उनके संज्ञान में नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई है, चाहे वह एजेंसी की हो या किसी अधिकारी की, तो निष्पक्ष जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पूर्व अध्यक्ष ने यह भी कहा कि आयोग में सभी महत्वपूर्ण निर्णय अध्यक्ष अकेले नहीं लेते, बल्कि बोर्ड और सदस्यों के साथ निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। आयोग की आंतरिक और गोपनीय प्रक्रियाओं का पालन नियमों के अनुरूप किया जाता है।

अब 28 जुलाई को होने वाली पूछताछ पर सबकी नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि सीआईडी इस दौरान परीक्षा प्रक्रिया, एजेंसी चयन और आयोग के निर्णयों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर एल. ख्यांग्ते से विस्तार से सवाल-जवाब करेगी। इस पूछताछ से 14वीं जेपीएससी परीक्षा विवाद की जांच में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

 

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SURBHI SHIPRA is a news editor, content writer , and graphic designer with experience in digital journalism and online media . she specializes in editing news ,articles, content writing, fact-checking , and creating engaging digital content . Along with editorial work, She designs eye-catching graphic and YouTube thumbnails . She is committed to delivering accurate, informative , and reader- focused content with creativity and professionalism. currently working as a journalist at Jharkhand Digital

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