रांची: सरकारी दफ्तरों में नोटिस और समन की लंबी प्रक्रिया तो आपने खूब सुनी होगी, लेकिन झारखंड में एक निलंबित BDO का मामला कुछ अलग ही कहानी बता रहा है। विभागीय कार्रवाई के लिए अधिकारी को एक-दो नहीं, पूरे 21 बार बुलाया गया, लेकिन वह विभागीय कार्यवाही में उपस्थित नहीं हुए। अब आखिरकार विभाग को उन्हें बुलाने के लिए अखबार का सहारा लेना पड़ा है।
मामला झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी और महागामा के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार सिन्हा से जुड़ा है। उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई में लगातार अनुपस्थिति के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने अब उन्हें अंतिम अवसर दिया है।
21 बार सूचना…लेकिन हाजिरी फिर भी नहीं
विभागीय जांच-सह-संचालन पदाधिकारी के मुताबिक संजय कुमार सिन्हा को अपना पक्ष रखने के लिए विभागीय कार्यवाही में उपस्थित होने की 21 बार सूचना दी गई। इसके बावजूद वह कार्यवाही में उपस्थित नहीं हुए।
यानी विभाग की तरफ से बुलावा आता रहा और इंतजार भी होता रहा, लेकिन अधिकारी की हाजिरी नहीं लगी। विभाग का कहना है कि लगातार अनुपस्थिति के कारण विभागीय कार्रवाई के निष्पादन में बाधा आ रही है।
अब नोटिस नहीं, अखबार में ‘आखिरी बुलावा’
21 बार सूचना देने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो कार्मिक विभाग ने अब सार्वजनिक विज्ञापन जारी कर दिया है। इसमें संजय कुमार सिन्हा को विभागीय जांच में अपना पक्ष रखने के लिए अंतिम अवसर दिया गया है।
यानी जिस अधिकारी को विभागीय प्रक्रिया के तहत बार-बार सूचना दी जा रही थी, उन्हें अब अखबार के जरिए सार्वजनिक रूप से बुलाया जा रहा है। विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित समय में उपस्थित होकर अपना पक्ष नहीं रखने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामला क्या है?
संजय कुमार सिन्हा के खिलाफ महागामा प्रखंड की विश्वासखानी पंचायत में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं में अनियमितता, सरकारी राशि के गबन और मांगे गए स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने संबंधी आरोप पत्र के आधार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी।
इसके लिए विभागीय संकल्प संख्या 2507, दिनांक 02.05.2023 के माध्यम से कार्रवाई शुरू की गई थी।
एक और विभागीय कार्रवाई में भी नहीं पहुंचे
मामला सिर्फ महागामा तक सीमित नहीं है। उपलब्ध विभागीय जानकारी के मुताबिक पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी के पद पर रहते हुए संजय कुमार सिन्हा के खिलाफ संचालित एक अन्य विभागीय कार्रवाई में भी उन्हें जांच पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। वहां भी उनके उपस्थित नहीं होने की बात सामने आई है।
अब 7 दिन का मौका, नहीं पहुंचे तो एकतरफा फैसला
विभाग ने अखबार में सूचना प्रकाशित होने की तारीख से 7 दिनों के भीतर संजय कुमार सिन्हा को विभागीय जांच पदाधिकारी के कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया है। उन्हें रांची के धुर्वा स्थित नगर प्रशासन भवन, एचईसी गोलचक्कर के कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में यदि वह उपस्थित होकर अपना पक्ष नहीं रखते हैं, तो माना जाएगा कि इस संबंध में उन्हें कुछ नहीं कहना है। इसके बाद उनके खिलाफ एकपक्षीय निर्णय लेते हुए आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
अब देखने वाली बात यही है कि 21 बार के बुलावे के बाद अखबार में छपा यह ‘अंतिम अवसर’ संजय कुमार सिन्हा तक पहुंचता है या विभाग को इसके बाद अगला कदम उठाना पड़ता है।
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