भारतीय सिनेमा जगत के लिए आज का दिन बेहद खास है। आज गुजरात के केवड़िया में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन होने जा रहा है। साल 1954 में शुरू हुआ यह पुरस्कार समारोह देश के सबसे प्रतिष्ठित सिनेमाई सम्मानों में शुमार है, जो फीचर फिल्मों, नॉन-फीचर फिल्मों और सिनेमा पर लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम को सम्मानित करता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद अपने हाथों से 2024 में भारतीय सिनेमा में बेहतरीन उपलब्धियों के लिए कलाकारों को यह सम्मान प्रदान करेंगी।
यह समारोह यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग हो रहा है
यह भव्य समारोह दोपहर 3 बजे से शुरू हुआ और इसका सीधा प्रसारण यूट्यूब पर किया जा रहा है , ताकि देशभर के सिनेमाप्रेमी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बन सकें। इस बार समारोह की मेजबानी केवड़िया कर रहा है, जो सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित 182 मीटर ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के लिए विश्वभर में जाना जाता है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को दुनिया की इस सबसे ऊंची प्रतिमा का उद्घाटन किया था।
बेस्ट एक्टर और एक्ट्रेस की श्रेणी में किसे मिला सम्मान
इस साल बेस्ट एक्टर का पुरस्कार संयुक्त रूप से कार्तिक आर्यन (फिल्म ‘चंदू चैंपियन’) और ममूटी (फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’) को मिला है, जबकि बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब यामी गौतम ने फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के लिए अपने नाम किया। बेस्ट हिंदी फिल्म और बेस्ट फीचर फिल्म की बात करें तो क्रमशः ‘श्रीकांत’ और ‘आर्टिकल 370’ ने यह सम्मान हासिल किया, जबकि बेस्ट पॉपुलर फिल्म का तमगा ‘कल्कि 2898 एडी’ को मिला।
किन फिल्मों की रही सबसे ज्यादा चर्चा
अवार्ड्स की संख्या के लिहाज से देखें तो ‘आर्टिकल 370’ और ‘अमरन’ सबसे आगे रहीं, जिन्होंने 3-3 पुरस्कार अपने नाम किए। इसके अलावा ‘पुष्पा 2’, ‘कल्कि 2898 एडी’, ‘महाराजा’, ‘कैप्टन मिलर’, ‘ब्रह्मयुगम’, ‘मिथ्या’ और ‘कमेटी कुर्रोल्लू’ जैसी फिल्मों ने भी 2-2 पुरस्कार जीते। बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान राजकुमार पेरियासामी (फिल्म ‘अमरन’) को मिला, तो बेस्ट स्क्रीनप्ले के लिए सुकुमार (फिल्म ‘पुष्पा 2’) को चुना गया।
क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को भी मिला सम्मान
इस समारोह में क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को भी बराबर सम्मान दिया गया। बेस्ट तमिल फिल्म का पुरस्कार ‘रायन’ को मिला, बेस्ट तेलुगू फिल्म का सम्मान ‘कमेटी कुर्रोल्लू’ को, जबकि बेस्ट मलयालम फिल्म का तमगा ‘फेमिनिची फातिमा’ के नाम रहा। इसके अलावा असमिया, ओड़िया, गढ़वाली, मणिपुरी, कोंकणी और तुलु भाषाओं की फिल्मों को भी अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया, जो भारतीय सिनेमा की विविधता और समृद्धि को दर्शाता है।
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