Tuesday, September 22

लातेहार: कोयला ढुलाई के कारण उड़ती धूल, सड़क पर लगने वाले जाम और भारी वाहनों की आवाजाही से परेशान बालूमाथ के व्यवसायियों और ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़क पर उतरने की तैयारी में है। स्थानीय लोगों ने मुख्य बाजार में कोयला वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर 24 सितंबर से अनिश्चितकालीन सड़क जाम करने की चेतावनी दी गई है।

इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में एसडीओ दिनेश कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। यह बैठक उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर बुलाई गई थी। इसमें व्यवसायियों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कोयला वाहनों की आवाजाही को लेकर अपनी समस्याएं और मांगें रखीं।

सुबह से रात तक कोयला गाड़ियों पर रोक की मांग

बैठक में स्थानीय लोगों ने मांग रखी कि बालूमाथ के मुख्य बाजार में सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक कोयला वाहनों की नो एंट्री लागू की जाए। उनका कहना है कि दिन के समय बाजार से भारी वाहनों की आवाजाही से आम लोगों के साथ-साथ दुकानदारों को भी परेशानी होती है।

ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि कोयला परिवहन के लिए अलग सड़क बनाने की बात लंबे समय से कही जा रही है, लेकिन जमीन पर स्थिति अब भी नहीं बदली है।

चार साल से ग्रामीण सड़कों पर ही ढोया जा रहा कोयला

ग्रामीणों के मुताबिक, तुबैद कोल माइंस शुरू होने के समय अलग ट्रांसपोर्टिंग सड़क बनाए जाने की बात कही गई थी। लेकिन करीब चार साल बाद भी कोयला ढुलाई ग्रामीण सड़कों से ही हो रही है। कंपनी की ओर से बाइपास सड़क बनाने की योजना की बात कही गई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक रैयतों से इस संबंध में बातचीत नहीं हुई है।

इसी को लेकर बैठक में ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब कोयला परिवहन के लिए अलग रास्ते की बात पहले से थी, तो अब तक उस दिशा में ठोस पहल क्यों नहीं हुई।

परियोजनाएं कई, सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों के सवाल

ग्रामीणों ने बालूमाथ से गुजरने वाले कोयला वाहनों और यहां संचालित परियोजनाओं को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि मगध, तेतरियाखाड़ और आम्रपाली समेत कई परियोजनाओं के वाहन बालूमाथ से गुजरते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों को इसके अनुरूप सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

बैठक में डीएवी स्कूल, अस्पताल और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामीणों का कहना था कि इलाके से बड़े पैमाने पर कोयला परिवहन होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को लेकर स्थिति संतोषजनक नहीं है।

प्रशासन ने क्या कहा?

बैठक में एसडीओ दिनेश कुमार ने लोगों की मांगों को वरीय अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े रहने वाले वाहनों पर कार्रवाई, सब्जी दुकानों को बाजार शेड में शिफ्ट कराने और सड़क चौड़ीकरण के लिए सर्वे कराने की बात कही गई।

वहीं डीटीओ उमेश मंडल ने सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई के साथ हाईवा के कागजात और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच करने की बात कही।

23 सितंबर तक जवाब नहीं मिला तो 24 से सड़क जाम

बैठक के दौरान व्यवसायियों और ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि अब वे केवल आश्वासन के भरोसे नहीं रहना चाहते। उनका कहना है कि 23 सितंबर तक उनकी मांगों पर जवाब नहीं मिला तो 24 सितंबर से अनिश्चितकालीन सड़क जाम शुरू किया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि कोयला परिवहन भी प्रभावित न हो और बाजार व ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को धूल, जाम और भारी वाहनों की आवाजाही से राहत भी मिले। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और स्थानीय लोगों के रुख से तय होगा कि यह विवाद सड़क जाम तक पहुंचता है या बातचीत से कोई रास्ता निकलता है।

बैठक में दिनेश कुमार, संदीप कुमार, निजामुद्दीन कुरैशी, प्रेम प्रसाद गुप्ता, मोनू गुप्ता, मो. तौफीक, संजय यादव, पिंटू मुखिया, नरेश लोहरा, अनिता देवी, ईश्वरी पासवान, उमेश मंडल, नदीम सफी, अनुभव सिन्हा, बालेश्वर राम, सोमा उरांव, जेपी रावत, एके ठाकुर, राजीव सिंह, बलराम पांडे, विभु राज सिन्हा, अमित कुमार और मो. इफ्तिखार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

इसे भी पढ़े – सावधान… दोस्त ही बन सकते हैं दुश्मन! खाने को लेकर विवाद के बीच दोस्त ने ही उतार दिया मौत के घाट

Share.

Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

Next Story
JHARKHAND DIGITAL EXCLUSIVE: योगेन्द्र साव के दावे वाली आधा एकड़ खास महाल की कीमती जमीन अब होगी सरकारी: लीज शर्तों का उल्लंघन और अवैध कब्जे की कोशिश पर प्रशासन का चाबुक
Exit mobile version