Tuesday, September 22

बोकारो। बोकारो ने स्थानीय उत्पादों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP) के तहत जिले में पहले कटहल को प्रमुखता देते हुए इसे स्थानीय उत्पादन और आजीविका से जोड़ने की पहल की गई। कटहल ने धीरे-धीरे बोकारो के स्थानीय उत्पाद के तौर पर अपनी पहचान मजबूत की और इससे जुड़े उत्पादों ने ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर भी तैयार किए।

अब इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए आम आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने की तैयारी है। प्रशासन का फोकस आम को केवल फल के रूप में बेचने के बजाय उसके प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर है।

कटहल ने बनाई पहचान, अब आम को भी मिलेगा नया बाजार

ODOP के तहत कटहल को बढ़ावा देने की पहल ने बोकारो में स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की संभावनाओं को मजबूत किया। कटहल की उपलब्धता को प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित उत्पादों से जोड़ने के प्रयासों से इसे सिर्फ मौसमी फल के बजाय स्थानीय आजीविका और कारोबार के अवसर के रूप में देखने का रास्ता तैयार हुआ।

कटहल की इसी पहचान और अनुभव को आगे बढ़ाते हुए अब आम की संभावनाओं पर काम करने की तैयारी है। प्रशासन चाहता है कि जिले में उपलब्ध आम का बेहतर इस्तेमाल हो और इससे जुड़े उत्पादों को स्थानीय स्तर से बड़े बाजार तक पहुंचाया जाए।

आम सिर्फ फल नहीं, ग्रामीण आय का नया जरिया

सोमवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में DC अजय नाथ झा ने ODOP के तहत उत्पाद चयन, कैटलॉग, नमूने और अन्य जरूरी जानकारियों को लेकर बैठक की। इस दौरान उन्होंने आम आधारित उत्पादों की संभावनाओं पर विशेष रूप से काम करने का निर्देश दिया।

उद्देश्य आम को सिर्फ कच्चे फल के रूप में बेचने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इसके प्रसंस्करण और वैल्यू एडेड उत्पाद तैयार कर ग्रामीण परिवारों के लिए आय के नए अवसर पैदा करना है।

उपायुक्त ने उत्पादकों और संबंधित समूहों के लिए कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षण देने का भी निर्देश दिया, ताकि स्थानीय स्तर पर उत्पाद तैयार करने की क्षमता विकसित हो सके।

बोकारो का मॉडल: हर घर में आय का एक अतिरिक्त स्रोत

प्रशासन की योजना केवल आम या किसी एक उत्पाद तक सीमित नहीं है। बैठक में हर घर में आय का एक वैकल्पिक स्रोत विकसित करने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया।

इसके लिए स्थानीय संसाधनों, ग्रामीणों के कौशल और उपलब्ध अवसरों के आधार पर ऑन-फार्म और ऑफ-फार्म गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही गई। इससे खेती के साथ-साथ प्रसंस्करण, पैकेजिंग, बिक्री और मार्केटिंग जैसी गतिविधियों के जरिए ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय के रास्ते खुल सकते हैं।

बोकारो की ‘दीदियों’ को उत्पादन से बाजार तक जोड़ने की तैयारी

स्थानीय और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े उत्पादों को आजीविका से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन ने ऐसे उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन से जेएसएलपीएस की दीदियों और स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने का निर्देश दिया।

इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और बाजार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को भी मजबूत करना है।

गांव के उत्पाद पहुंचेंगे बड़े बाजार तक

बैठक में उत्पादों के कैटलॉग और नमूने तैयार करने के साथ उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी काम करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए एक समेकित कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

स्थानीय बाजार के अलावा इन उत्पादों को राज्य और राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाएगा। इससे बोकारो में तैयार होने वाले स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार और बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बनेगी।

कटहल से आम तक, स्थानीय उत्पादों पर बोकारो का भरोसा

ODOP के तहत कटहल को आगे बढ़ाने के बाद अब आम पर फोकस बोकारो के स्थानीय संसाधनों को आर्थिक अवसर में बदलने की दिशा में प्रशासन की निरंतर पहल को दिखाता है। कटहल ने जिले के स्थानीय उत्पाद के रूप में अपनी जगह बनाई, वहीं अब आम को भी प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित उत्पादों के जरिए नई पहचान देने की तैयारी है।

योजना का बड़ा उद्देश्य यही है कि बोकारो के गांवों में पैदा होने वाला उत्पाद गांवों की आय बढ़ाने का माध्यम बने और उसकी पहचान स्थानीय बाजार से निकलकर बड़े बाजार तक पहुंचे।

बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बून, जिला कल्याण पदाधिकारी सुचिता किरण, जेएसएलपीएस के डीपीएम अनिल दामदाम और एपीआरओ अविनाश कुमार समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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