एक महीने में चीनी 8 रुपये, बेसन 15 रुपये और पिस्ता 700 रुपये किलो तक महंगा; मिठाई बनाने से लेकर कॉरपोरेट गिफ्ट पैक तक बढ़ेगा खर्च
दीवाली का त्योहार नजदीक है और बाजारों में मिठाइयों से लेकर तरह-तरह के पकवानों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। लेकिन इस बार त्योहार की खुशियों के बीच महंगाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीनी, बेसन, मैदा, सूजी, घी और तेल की कीमतों में पिछले एक महीने के दौरान बढ़ोतरी हुई है। इतना ही नहीं, काजू, बादाम और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स भी महंगे हो गए हैं। ऐसे में घरों में मिठाई और पकवान तैयार करने से लेकर बाजार से खरीदारी करने तक लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
कीमत: सितंबर बनाम अक्तूबर ,सामान सितंबर में कीमत वर्तमान दर
चीनी 58 रुपये 62-65 रुपये किलो
इंजन सरसो तेल 220 रुपये 225 रु.प्रति लीटर
सत्तू 150 रुपये 160 रुपये किलो
बेसन 100 रुपये 115 रुपये किलो
गणेश मैदा 55 रुपये 60 रुपये प्रति किलो
सूजी 60 रुपये 65 रुपये किलो
सलोनी सरसो 185 रुपये 190 रु. प्रति लीटर
रिफाइन 175 (750 मिली) 185 (एक लीटर)
घी 700 रुपये 740 रु. प्रति किलो
बटर 315 रुपये 325 ( 500 ग्राम)
बटर 63 रुपये 65 ( 100 ग्राम)
चांदी अर्क 100 रुपये 120 रुपये ( 10 पीस)
चीनी से बेसन तक बढ़े दाम, मिठाई बनाना हुआ महंगा
दीवाली पर लड्डू, गुझिया, बर्फी और अन्य मिठाइयां बनाने के लिए जिन सामग्रियों की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है, उनकी कीमतों में तेजी आई है। मेन रोड स्थित रघुवंशी स्टोर के संचालक जुवीन ठक्कर के मुताबिक, सितंबर में 58 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब करीब 66 रुपये किलो तक पहुंच गई है। यानी एक महीने में आठ रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।
इसी तरह बेसन की कीमत 100 रुपये से बढ़कर 115 रुपये प्रति किलो हो गई है। मैदा 55 रुपये से बढ़कर 60 रुपये और सूजी 60 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इन खाद्य सामग्रियों की कीमत बढ़ने का सीधा असर मिठाई और नमकीन तैयार करने की लागत पर पड़ेगा।
दाल, चना और चावल भी हुए महंगे
महंगाई का असर सिर्फ मिठाई बनाने वाली सामग्री तक सीमित नहीं है। दाल और चने की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अरहर दाल 130 रुपये से बढ़कर 150 रुपये किलो, चना दाल 95 रुपये से बढ़कर 105 रुपये और चना 90 रुपये से बढ़कर 100 रुपये प्रति किलो हो गया है। वहीं, काबुली चना 100 रुपये से बढ़कर 120 रुपये किलो बिक रहा है।
सत्तू की कीमत में भी 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पहले 150 रुपये किलो मिलने वाला सत्तू अब 160 रुपये किलो हो गया है। इसके अलावा चावल की अलग-अलग किस्मों में भी तीन से दस रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
तेल, घी और बटर की कीमतों में भी उछाल
त्योहारों के दौरान पकवान बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेल और घी की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। इंजन सरसों तेल 220 रुपये से बढ़कर 225 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि सलोनी सरसों तेल की कीमत 185 रुपये से बढ़कर 190 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है।
घी की कीमत 700 रुपये से बढ़कर 740 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं, 750 मिलीलीटर रिफाइंड तेल की कीमत 175 रुपये से बढ़कर एक लीटर के लिए 185 रुपये बताई गई है। बटर की कीमत भी बढ़ी है। 500 ग्राम का पैक 315 रुपये से बढ़कर 325 रुपये और 100 ग्राम का पैक 63 रुपये से बढ़कर 65 रुपये हो गया है। इसके अलावा चांदी अर्क की कीमत 100 रुपये से बढ़कर 120 रुपये (10 पीस) हो गई है।
ड्राई फ्रूट्स में सबसे ज्यादा पिस्ता महंगा
दीवाली पर मिठाइयों और गिफ्ट पैक में इस्तेमाल होने वाले ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है। काजू और बादाम की कीमत 1100 रुपये से बढ़कर 1300 रुपये प्रति किलो हो गई है। मामरा बादाम 4200 रुपये से बढ़कर 4400 रुपये किलो बिक रहा है।
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी प्लेन पिस्ता की कीमत में देखने को मिली है। सितंबर में 2800 रुपये किलो मिलने वाला पिस्ता अब 3500 रुपये किलो हो गया है। यानी एक महीने में 700 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। दूसरे किस्म के पिस्ते की कीमत भी 1750 रुपये से बढ़कर 1900 रुपये किलो पहुंच गई है। छुहाड़ा 300 रुपये से बढ़कर 350 रुपये किलो हो गया है। हालांकि, किशमिश की कीमत 520 रुपये प्रति किलो पर स्थिर बनी हुई है।
कॉरपोरेट गिफ्टिंग पर भी पड़ेगा महंगाई का असर
दीवाली के मौके पर कंपनियां अपने कर्मचारियों, ग्राहकों और कारोबारियों को मिठाई और ड्राई फ्रूट्स के गिफ्ट पैक देती हैं। इस बार काजू, बादाम और पिस्ता की कीमतों में बढ़ोतरी से इन गिफ्ट पैक की लागत भी बढ़ सकती है। वहीं, मिठाई दुकानदारों को चीनी, बेसन, मैदा, सूजी और घी जैसी सामग्रियों की खरीद पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
कुल मिलाकर, इस बार दीवाली से पहले खाद्य सामग्रियों और ड्राई फ्रूट्स की बढ़ती कीमतों ने त्योहार का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। अब देखना होगा कि बाजार में मिठाइयों और गिफ्ट पैक की कीमतों पर इसका कितना असर पड़ता है।


