गोंदुलपारा खनन परियोजना के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगा शिविर, पौष्टिक आहार और नियमित दवा सेवन के महत्व के प्रति किया गया जागरूक

बड़कागांव (हजारीबाग)। टीबी के खिलाफ लड़ाई में दवाओं के साथ बेहतर पोषण भी अहम भूमिका निभाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अदाणी फाउंडेशन की ओर से हजारीबाग जिले के बड़कागांव में 80 टीबी मरीजों के बीच पोषण किट का वितरण किया गया। शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित इस शिविर के माध्यम से मरीजों को उपचार के दौरान पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराई गई।
गोंदुलपारा खनन परियोजना के तहत आयोजित यह चालू वित्तीय वर्ष का तीसरा टीबी पोषण किट वितरण शिविर था। कार्यक्रम में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मिथु हलदर, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर दीपक कुमार और अदाणी फाउंडेशन की टीम के सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान सभी 80 मरीजों को पोषण किट प्रदान की गई।
दवा के साथ पौष्टिक आहार भी जरूरी
शिविर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने टीबी मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी के उपचार के दौरान नियमित रूप से दवाओं का सेवन करना और पर्याप्त पोषण लेना जरूरी है। मरीजों को बिना किसी लापरवाही के निर्धारित उपचार पूरा करने तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि पोषण संबंधी सहायता मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार और उपचार के बेहतर परिणाम हासिल करने में सहयोगी हो सकती है। इसी उद्देश्य से जरूरतमंद मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराई गई।
सीएसआर के तहत स्वास्थ्य पर विशेष जोर
अदाणी फाउंडेशन की ओर से बड़कागांव प्रखंड में स्वास्थ्य, पोषण और सामुदायिक कल्याण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। टीबी मरीजों के बीच पोषण किट का वितरण भी इसी पहल का हिस्सा है। फाउंडेशन का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी सहयोग पहुंचाना और स्थानीय समुदाय में बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


