पहले बैच में 49 विद्यार्थियों ने लिया दाखिला, चाइल्ड प्रोटेक्शन, कॉर्पोरेट और माइंस-मिनरल्स लॉ में मिलेगी विशेषज्ञता; ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में होगी पढ़ाई

रांची। कानून की पढ़ाई को रोजगार और पेशेवर जरूरतों से जोड़ने की दिशा में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (एनयूएसआरएल), रांची ने नई पहल की है। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तीन विशेष स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रमों (पीजीडीपी) की शुरुआत की है। इन पाठ्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को बाल अधिकार एवं संरक्षण, कॉर्पोरेट कानून तथा खनन एवं खनिज कानून जैसे विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में विधिक ज्ञान और व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल ने नए पाठ्यक्रमों का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन विशेषीकृत कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उन्नत कानूनी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव और पेशेवर दक्षता प्रदान करना है। इससे न केवल उनके करियर को नई दिशा मिलेगी, बल्कि बायोडाटा और पेशेवर प्रोफाइल भी मजबूत होंगे।
तीन क्षेत्रों में मिलेगी कानून की विशेषज्ञता
विश्वविद्यालय की ओर से शुरू किए गए तीनों डिप्लोमा कार्यक्रम अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। इनमें पहला पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड राइट्स एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन लॉ है, जिसके तहत बाल अधिकारों, बाल संरक्षण और बाल कल्याण से जुड़े कानूनी एवं नीतिगत पहलुओं की पढ़ाई कराई जाएगी।
दूसरा पीजी डिप्लोमा इन कॉर्पोरेट लॉ है। इसमें कंपनी कानून, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और व्यावसायिक संस्थानों के नियामकीय ढांचे की जानकारी दी जाएगी। वहीं तीसरा पीजी डिप्लोमा इन माइंस एंड मिनरल्स लॉ है, जिसमें खनन, खनिज संसाधनों के प्रबंधन और उनसे जुड़े कानूनी प्रावधानों का अध्ययन कराया जाएगा।
पहले बैच में 49 विद्यार्थियों का नामांकन
विश्वविद्यालय के अनुसार, 30 अक्टूबर 2026 तक इन तीनों कार्यक्रमों के पहले बैच में कुल 49 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इनमें 27 विद्यार्थियों ने ऑफलाइन और 22 ने ऑनलाइन माध्यम से नामांकन कराया है। पाठ्यक्रमों को स्नातक विद्यार्थियों के साथ कार्यरत पेशेवरों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
करियर और शोध क्षमता विकसित करने पर जोर
ओरिएंटेशन कार्यक्रम में संकाय सदस्यों ने तीनों पाठ्यक्रमों की विषयवस्तु, उद्देश्य और अध्ययन से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. (डॉ.) के. श्यामला, डॉ. हिरल मेहता कुमार और डॉ. मौसम ने अपने-अपने पाठ्यक्रमों का परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता, शोध अभिरुचि और पेशेवर कौशल को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। अंत में पीजीडीपी के कोर्स कोऑर्डिनेटर कर्नल डॉ. राजेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। शांति, आशा और नई शुरुआत के प्रतीक के रूप में कबूतर उड़ाकर कार्यक्रम का समापन किया गया।


