25 पदाधिकारी, 52 कार्यसमिति सदस्यों और 27 जिला अध्यक्षों की घोषणा; 5 नवंबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में समाज के उत्थान की बनेगी रणनीति

रांची। क्षत्रिय समाज को संगठित करने और सामाजिक स्तर पर उसकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से क्षत्रिय गौरव मंच ने संगठन के विस्तार की पहल तेज कर दी है। मंच अब पंचायत स्तर तक अपनी पहुंच बनाने की तैयारी में है। इसके साथ ही समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने के लिए अभियान चलाने की बात कही गई है। संगठन की ओर से कार्यसमिति का गठन करते हुए 25 पदाधिकारियों, 52 कार्यसमिति सदस्यों और 27 जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा की गई है।
राजधानी रांची में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंच के अध्यक्ष प्रवीण सिंह ने संगठन की आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य क्षत्रिय समाज के लोगों को एक साझा मंच पर लाना और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास करना है। इसके लिए संगठन को पंचायत स्तर तक मजबूत किया जाएगा, ताकि समाज के अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जा सके।
सामाजिक और भौगोलिक स्थिति पर होगा मंथन
प्रवीण सिंह ने बताया कि आगामी 5 नवंबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें झारखंड में क्षत्रिय समाज की सामाजिक और भौगोलिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा होगी। समाज के उत्थान, विकास और संगठन की भावी रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में समाज की समस्याओं और उनके समाधान के उपायों पर भी मंथन होगा।
कुरीतियों को दूर करने पर रहेगा विशेष जोर
मंच अध्यक्ष ने कहा कि केवल संगठन का विस्तार करना ही मंच का उद्देश्य नहीं है, बल्कि समाज के भीतर मौजूद कुरीतियों को दूर करना भी प्राथमिकता में शामिल है। इस दिशा में संगठन मुखर होकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुधार और एकजुटता के जरिए समाज को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।
संवाददाता सम्मेलन में कार्यसमिति के गठन को संगठन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। मंच ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में पंचायत स्तर तक संगठन की इकाइयां बनाकर सामाजिक गतिविधियों को गति दी जाएगी।


