झारखंड की पहली परियोजना होने का दावा, गोबर और जैविक कचरे से तैयार होगा स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद; रोजाना दो लाख रुपये की आय का अनुमान

रांची। गोबर और जैविक कचरे को ऊर्जा और कमाई का जरिया बनाने की दिशा में रांची गौशाला न्यास एक बड़ी पहल करने की तैयारी में है। गौशाला परिसर में प्रतिदिन 20 टन क्षमता वाले बायो-सीएनजी (सीबीजी) संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। लगभग 20 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना से प्रतिदिन करीब दो लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। इसे झारखंड की पहली ऐसी परियोजना बताया जा रहा है।
इस संबंध में रांची गौशाला न्यास में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएसआईआर, भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक, कॉमनवेल्थ फेलो एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पी. शन्मुगम ने बीआईटी मेसरा के प्रो. राजीव के साथ गौशाला का दौरा किया। इस दौरान प्रस्तावित संयंत्र की स्थापना, उसकी उपयोगिता और संभावित आर्थिक लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गोबर से बनेगा ईंधन, जैविक कचरे का भी होगा उपयोग
बैठक में डॉ. पी. शन्मुगम ने कहा कि भारत सरकार स्वच्छ एवं सतत वैकल्पिक ईंधन के रूप में बायो-सीएनजी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि देशभर में बायोगैस संयंत्रों की स्थापना के लिए केंद्र सरकार की ओर से करीब 23 हजार करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संयंत्र के माध्यम से गौशाला के गोबर और जैविक कचरे का उपयोग कर स्वच्छ ईंधन (सीबीजी) के साथ उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद का उत्पादन किया जा सकेगा। इससे कचरे का बेहतर प्रबंधन होने के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
रोजाना दो लाख रुपये की आय का अनुमान
प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत करीब 20 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके संचालन से प्रतिदिन लगभग दो लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। गौशाला न्यास का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से संस्थान की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यों को और प्रभावी तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
सीएसआईआर तैयार करेगा कॉन्सेप्ट नोट
बैठक में परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत सीएसआईआर की ओर से सबसे पहले परियोजना का कॉन्सेप्ट नोट तैयार किया जाएगा। इसके बाद रांची गौशाला न्यास विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कराएगा। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद संयंत्र की स्थापना की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में रांची गौशाला न्यास के अध्यक्ष पुनीत कुमार पोद्दार, मंत्री प्रदीप राजगढ़िया, उपाध्यक्ष एसएन राजगढ़िया, कोषाध्यक्ष दीपक पोद्दार, सह सचिव सुरेश जैन, मनीष लोधा, अमित चौधरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।


