धनबाद के मैथन रोड स्थित झिलिया पुल निर्माण कार्य के दौरान भारी बारिश में अस्थायी डायवर्सन तीसरी बार बह जाने से लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। गुरुवार को पीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता मिथलेश कुमार अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों का घेराव किया।
निरीक्षण के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी ने तकनीकी मानकों की अनदेखी की है, जिसके कारण डायवर्सन बार-बार बह रहा है। उन्होंने कहा कि घटिया निर्माण और विभागीय लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
झिलिया पुल निर्माण के दौरान बनाया गया अस्थायी डायवर्सन तेज बारिश में तीसरी बार बह गया, जिससे हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया। स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और व्यवसायियों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी, भाकपा माले नेता नागेंद्र कुमार और भाजपा नेता देवनारायण पाठक ने विभाग से निर्माण कार्य में तेजी लाने और मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो स्थानीय लोगों के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस बीच पुल निर्माण कार्य के दौरान जलापूर्ति पाइपलाइन का पिलर भी बह गया, जिससे पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। सूचना मिलने के बाद पीएचईडी की टीम मौके पर पहुंची और पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शुरू कराया।
पीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता मिथलेश कुमार ने बताया कि निर्माण एजेंसी को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार तक वैकल्पिक डायवर्सन तैयार कर आवागमन बहाल कर दिया जाएगा, जबकि लगभग एक महीने के भीतर झिलिया पुल का निर्माण पूरा कर उसे जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
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