रांची, 15 अगस्त 2026। झारखंड पुलिस मुख्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नक्सल विरोधी अभियान, मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई, साइबर अपराध पर अंकुश और पुलिस कल्याण से जुड़े कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए पुलिसकर्मियों और राज्यवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि झारखंड पुलिस के लगातार अभियान और जवानों के साहस के कारण राज्य में नक्सलवाद की चुनौती काफी हद तक कमजोर हुई है। जनवरी 2026 से 5 अगस्त 2026 तक 103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 46 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और 22 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए।
गिरफ्तार किए गए नक्सलियों में झारखंड सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा का नाम भी शामिल है। वहीं, मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में एक करोड़ रुपये के इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल रहा।
इस अवधि में पुलिस ने 98 हथियार, 7,470 कारतूस, 11 किलोग्राम विस्फोटक, तीन आईईडी और करीब छह लाख रुपये की लेवी भी बरामद की।
संगठित अपराध पर जीरो टॉलरेंस
संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई का भी पुलिस मुख्यालय ने आंकड़ा जारी किया। जनवरी से जुलाई 2026 तक 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 63 हथियार और 274 गोलियां बरामद की गईं।
इसके अलावा संगठित आपराधिक गिरोहों से जुड़े 50 अपराधियों के खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने कहा कि खुफिया तंत्र, आधुनिक तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से संगठित अपराध पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
नशे के कारोबार पर भी सख्ती
मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और इस्तेमाल के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का जिक्र करते हुए पुलिस महानिदेशक ने बताया कि जनवरी से जून 2026 तक नशीले पदार्थों के अवैध इस्तेमाल या कारोबार में संलिप्त 710 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि नशे की तस्करी पर कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी जरूरी है। झारखंड पुलिस इस दिशा में कार्रवाई और जनजागरूकता दोनों पर जोर दे रही है।
साइबर अपराध के खिलाफ 486 गिरफ्तार
बढ़ते साइबर अपराध को लेकर भी झारखंड पुलिस ने विशेष अभियान चलाया है। जनवरी से जून 2026 तक साइबर अपराध में संलिप्त 486 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार इस दौरान 17 लाख रुपये से अधिक की राशि और कई अवैध वस्तुएं बरामद कर जब्त की गईं। साइबर अपराध के पीड़ितों को जब्त राशि वापस कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
पुलिस आधुनिकीकरण से बढ़ी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता
पुलिस आधुनिकीकरण के तहत झारखंड पुलिस को नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। 13 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 636 चार पहिया वाहन और 849 दो पहिया वाहनों का लोकार्पण किया था। इनमें महिंद्रा बोलेरो और टीवीएस अपाचे वाहन शामिल हैं।
इन वाहनों से कानून-व्यवस्था, त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया और जनसुरक्षा को और मजबूत करने में मदद मिलने की बात पुलिस मुख्यालय ने कही।
112 पर बढ़ी शिकायतें, फिर भी रिस्पॉन्स टाइम बेहतर
ERSS/Dial-112 की कार्यप्रणाली का जिक्र करते हुए बताया गया कि जनवरी में करीब 16 हजार शिकायतें दर्ज हुईं और पुलिस का औसत रिस्पॉन्स टाइम 9 मिनट 41 सेकंड रहा।
वहीं जुलाई में शिकायतों की संख्या बढ़कर करीब 23 हजार हो गई, इसके बावजूद औसत पुलिस रिस्पॉन्स टाइम घटकर 9 मिनट 12 सेकंड रह गया। पुलिस मुख्यालय ने इसे आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार का संकेत बताया।
पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए करोड़ों की सहायता
स्वतंत्रता दिवस समारोह में पुलिस कल्याण से जुड़ी उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई। जनवरी से जुलाई 2026 तक झारखंड पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष से 1,007 लाभार्थियों को 3 करोड़ 69 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई।
वहीं, चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कल्याण कोष से 42 लाभार्थियों को 11 लाख 99 हजार रुपये और झारखंड पुलिस शिक्षा कोष से 9,443 लाभार्थियों को 11 करोड़ 46 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।
इसके अतिरिक्त झारखंड पुलिस परोपकारी कोष से पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के 737 आश्रितों को सहायता के लिए करीब 3 करोड़ 93 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
पुलिसकर्मियों के 153 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी गई है। वहीं, 4 अगस्त को हुई पुलिस मुख्यालय स्तरीय अनुकंपा समिति की बैठक में 84 मामलों को अनुकंपा नियुक्ति के लिए योग्य पाया गया।
पुलिसकर्मियों को प्रोन्नति
पुलिस मुख्यालय के अनुसार वीरता पदक प्राप्त 37 पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन दिया गया है।
इसके अलावा वायरलेस संवर्ग के 11 पुलिस अवर निरीक्षकों को पुलिस निरीक्षक और तीन सहायक पुलिस अवर निरीक्षकों को पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति दी गई।
आयुधिक संवर्ग में 10 आयुधिक अवर निरीक्षकों को आयुधिक निरीक्षक तथा 24 हवलदारों को आयुधिक अवर निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति दी गई। झारखंड सशस्त्र पुलिस के 201 हवलदारों को सहायक अवर निरीक्षक (स) की कोटि में प्रोन्नति दी गई। वहीं 970 पुलिस पदाधिकारियों के एसीपी/एमएसीपी की स्वीकृति की कार्रवाई की गई।
सुरक्षित और विकसित झारखंड के लिए संकल्प
अपने संबोधन के अंत में पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियों से देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और गौरव की रक्षा के लिए समर्पित रहने का आह्वान किया।
उन्होंने साइबर अपराध, नशाखोरी, संगठित अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा संविधान और कानून के प्रति आस्था रखते हुए राष्ट्रहित और जनहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प दिलाया।
पुलिस मुख्यालय ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक सुरक्षित, सशक्त और विकसित झारखंड के निर्माण में अपनी भूमिका को और मजबूत करने का संदेश दिया।
इसे भी पढ़े – स्वतंत्रता दिवस पर उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री ने आवासीय कार्यालय में फहराया तिरंगा


