पलामू: पाटन के बंजारी गांव निवासी पंकज उरांव हत्याकांड में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पंकज को पहले ‘काजल’ नाम से फोन कर मिलने के लिए बुलाया गया और फिर उसे एकता जंगल ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई। जांच में पुलिस ने इस पूरी साजिश के पीछे पंकज की पत्नी अनीमा कुमारी और उसके पिता रामजन्म उरांव की भूमिका बताई है। पुलिस का दावा है कि हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।
6 दिन बाद जंगल में मिला था शव
पंकज के लापता होने के बाद परिवार उसकी तलाश कर रहा था। 23 सितंबर को एकता जंगल से उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। परिजनों ने शुरुआत में ही उसकी पत्नी के मायके पक्ष के लोगों पर हत्या की आशंका जताई थी।
इसके बाद पुलिस ने पंकज के मोबाइल संपर्क, घटनास्थल और दूसरे सुरागों के आधार पर जांच शुरू की। इसी दौरान कथित साजिश की कड़ियां सामने आईं।
पति से विवाद के बाद हत्या की योजना का आरोप
पुलिस के मुताबिक, अनीमा और पंकज की शादी वर्ष 2023 में हुई थी। जुलाई में पंकज काम के सिलसिले में बाहर गया था, जिसके बाद अनीमा अपने मायके चली गई। वहां उसने अपने पिता रामजन्म उरांव से पति के व्यवहार और कथित प्रताड़ना की शिकायत की।
पूछताछ में अनीमा ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसे पति से जान का खतरा था। पुलिस का कहना है कि इसके बाद अनीमा और उसके पिता ने पंकज की हत्या की योजना बनाई।
जमीन के मुआवजे में मिले 50 लाख में से 10 लाख देने का आरोप
पुलिस के अनुसार, रामजन्म उरांव को नेशनल हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण के बदले 50 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। आरोप है कि इसी रकम में से 10 लाख रुपये हत्या की सुपारी के लिए दिए गए।
पुलिस के मुताबिक, यह रकम सतबरवा के खामडीह निवासी तेतरी देवी और उसके पति पिंटू कुमार को दी गई। तेतरी देवी से अनीमा की पहचान झाड़-फूंक के सिलसिले में थी।
पुलिस का दावा है कि इसके बाद तेतरी देवी ने रिंकी देवी, जितेंद्र उरांव और दिलेश्वर सिंह को भी साजिश में शामिल किया।
‘काजल’ बनकर पंकज को मिलने बुलाया
पुलिस के अनुसार, पंकज के बाहर से लौटने के बाद तेतरी देवी और रिंकी देवी ने ‘काजल’ नाम से उससे फोन पर संपर्क किया। बातचीत के जरिए उसे मिलने के लिए तैयार किया गया और 17 सितंबर को बुलाया गया।
पुलिस का कहना है कि पंकज दोनों महिलाओं को अपनी बाइक पर बैठाकर एकता जंगल पहुंचा। वहां पहले से मौजूद अन्य आरोपियों ने उसे घेर लिया और आरोप है कि गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव जंगल में छोड़कर सभी आरोपी फरार हो गए।
पत्नी, पिता और सुपारी लेने वाले गिरफ्तार
जांच के बाद पुलिस ने अनीमा कुमारी, रामजन्म उरांव, तेतरी देवी, पिंटू कुमार, रिंकी देवी, जितेंद्र उरांव और दिलेश्वर सिंह को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ और हत्या की योजना को कब अंतिम रूप दिया गया। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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