Tuesday, September 22

हर घर में एक दिन ऐसा होता है, जब बच्चे बड़े होने लगते हैं। मां उन्हें स्कूल, कोचिंग या ट्यूशन भेजते हुए बार-बार यही कहती है-“सीधे घर लौटना।” अधिकांश घरों में यह एक सामान्य दिनचर्या होती है। लेकिन बोकारो के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के गिरधरटांड़ गांव में एक दिन ऐसा आया, जिसने एक परिवार की पूरी जिंदगी बदल दी।

16 अक्टूबर 2020
उस दिन 14 वर्षीय सेजल झा उर्फ पाखी रोज की तरह सुबह लगभग पौने 11 बजे साइकिल से ट्यूशन पढ़ने निकली थी। उसे पड़ोस के गांव कुरमा पहुंचना था। परिवार को क्या पता था कि यह उनकी बेटी को आखिरी बार देखना होगा।

करीब 15 मिनट बाद एक ट्रैक्टर चालक ने मुख्य सड़क किनारे एक साइकिल, कुछ किताबें और चप्पलें बिखरी हुई देखीं। उसने गांव पहुंचकर इसकी सूचना दी। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो सामान सेजल का था, लेकिन सेजल वहां नहीं थी।

उस दिन से लेकर आज तक… सेजल का कोई पता नहीं चल पाया है।

बदलते गए साल, लेकिन नहीं बदला इंतजार

आज इस घटना को लगभग छह साल होने वाले हैं। करीब 2114 दिन बीत चुके हैं। जिस बच्ची की उम्र उस दिन सिर्फ 14 साल थी, वह आज लगभग 20 साल की हो चुकी होती। शायद कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर रही होती, दोस्तों के साथ भविष्य की योजनाएं बना रही होती या अपने करियर की नई शुरुआत कर रही होती।

एक मां, जिसने उम्मीद छोड़ना नहीं सीखा

सेजल की मां उषा झा, जो पेशे से शिक्षिका हैं, पिछले कई वर्षों से एक ही उम्मीद के सहारे जी रही हैं-शायद किसी दिन उनकी बेटी वापस लौट आए। उन्होंने पुलिस से लेकर जिला प्रशासन, राज्य सरकार, जनप्रतिनिधियों और अदालत तक हर दरवाजा खटखटाया। हर नई जांच से उन्हें उम्मीद मिली, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा। उन्होंने हाईकोर्ट में हैवियस कार्पस याचिका दायर की जिसके बाद अदालत की सख्ती के कारण मामला CID को सौंपा गया.

जांच में क्या-क्या हुआ?

सेजल के लापता होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। शुरुआती जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया। समय के साथ कई पुलिस अधीक्षक बदले और अलग-अलग टीमों ने मामले की जांच की। जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ हुई। कई राज्यों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और विभिन्न पहलुओं पर जांच आगे बढ़ाई गई, लेकिन कोई ऐसा सुराग नहीं मिला जो सेजल तक पहुंचा सके।

बाद में मामला झारखंड CID को सौंप दिया गया। अब CID पुराने रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और उपलब्ध जानकारियों की नए सिरे से जांच कर रही है।

हाईकोर्ट की सख्ती से जगी नई उम्मीद

हाल के दिनों में झारखंड हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान CID ने अदालत को बताया कि सेजल के सोशल मीडिया अकाउंट से बहुत सीमित जानकारी मिल सकी है। आगे की जांच के लिए Meta से तकनीकी जानकारी लेने की आवश्यकता होगी।

इस पर अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो मामले की जांच CBI को भी सौंपी जा सकती है। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी ने परिवार की उम्मीदों को एक बार फिर जिंदा कर दिया है।

यह सिर्फ एक गुमशुदगी नहीं है

सेजल झा का मामला अब सिर्फ एक एफआईआर या पुलिस फाइल नहीं रह गया है। यह उस सवाल का प्रतीक बन चुका है कि अगर दिनदहाड़े एक 14 साल की बच्ची अचानक गायब हो जाए और वर्षों तक उसका कोई पता न चले, तो समाज और व्यवस्था को खुद से कौन-कौन से सवाल पूछने चाहिए?

क्या शुरुआती जांच में कुछ छूट गया?

क्या आज की आधुनिक तकनीक इस मामले को नई दिशा दे सकती है?

और सबसे बड़ा सवाल…

क्या सेजल अब भी कहीं है, जहां तक जांच नहीं पहुंच पाई है?

इन सवालों के जवाब अभी किसी के पास नहीं हैं।

आज भी इंतजार बाकी है… समय बीत गया। मौसम बदले। सरकारें बदलीं। जांच एजेंसियां बदलीं। लेकिन झारखण्ड के बोकारों में अब भी सेजल का कोई अत पता नहीं है।

CBI को क्यों सौंपी जा सकती है जांच 

CBI को जांच सौंपा जाने के पीछे अहम कारण है कि सेजल जब गायब हुई थी तब उसकी उम्र महज 14 वर्ष की थी. आज वह 20 वर्ष की हो चुकी है. नाबालिग से बालिग होने के बाद चेहरे, चाल ढाल समेत कई ऐसे पहलू हैं जो बदल जाते हैं. इनकी जांच के लिए CID के पास पर्याप्त साधन नहीं हैं. इससे पूर्व भी हाईकोर्ट के आदेश पर CBI की टीम CID को तकनीकी मामले में सहयोग कर रही थी. सेजल के गायब होने के बाद उसके फोन का लोकेशन कई राज्यों में मिलता रहा है. सेजल से मिलती जुलती कई लड़कियों को चिन्हीत किया गया है जिसकी जांच अब CBI करेगी. मंगलवार को इस मामले में कोर्ट अपना आदेश जारी कर सकती है.

 

 

 

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SURBHI SHIPRA is a news editor, content writer , and graphic designer with experience in digital journalism and online media . she specializes in editing news ,articles, content writing, fact-checking , and creating engaging digital content . Along with editorial work, She designs eye-catching graphic and YouTube thumbnails . She is committed to delivering accurate, informative , and reader- focused content with creativity and professionalism. currently working as a journalist at Jharkhand Digital

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