Tuesday, September 22

चाईंबासा से नक्सलियों का सफाया कर दिया गया है. खूंखार माओवादियों में शुमार आखिरी तीन नक्सली  सलूका कायम, पिंकी और कोदुमुनी झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के संपर्क में हैं और जल्द ही सरेंडर कर देंगे.  असीम मंडल के बंगाल फरार हो जाने के बाद राज्य पुलिस लागातार सलूका कायम की तलाश कर रही थी. 10 लाख का ईनामी सालूका कायम उर्फ भुवनेश्वर, उसकी पत्नी पिंकी और कोदो मुनी कोड़ा उर्फ पद्मनी पुलिस के साथ सम्पर्क में हैं और जल्द ही आत्मसमर्पण कर देंगे. कोदोमुनी भी एक लाख रुपए की ईनामी नक्सली है.

आईडी ब्लास्ट का मास्टर है सलूका

सरेंडर करने वाले सालूका कायम के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 96 मामले दर्ज है. पुलिस के अनुसार सालूका कायम दो दर्जन से ज्यादा महत्वपूर्ण मुठभेड़ में शामिल रहा है. सालूका कायम को आईईडी ब्लास्ट का मास्टर माना जाता है. आईईडी बिछाकर सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाया है. इसके अलावा अपहरण कर हत्या समेत अन्य जघन्य मामले शामिल रहा है.

दो दिन पूर्व सरायकेला पुलिस को मिली थी बड़ी सफलता

सरायकेला-खरसावां जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली थी. संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 22 लाख रुपये के तीन इनामी हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार नक्सलियों में पांच लाख रुपये का इनामी सागर सिंह सरदार उर्फ बिरेन उर्फ रवि, 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो और दो लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली मीना पहाड़िया शामिल हैं. पुलिस का दावा है कि इन गिरफ्तारियों से जिले में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा था.

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