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नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है और इसी त्रासदी में रांची का एक बेटा भी लापता है। घर पर सूनी आंखों से परिवार वाले उसका इंतजार कर रहे हैं। पूरे घर में मातम पसरा हुआ है। पिछले 48 घंटे से ज्यादा समय हो गए हैें लेकिन परिजनों को रामप्रसाद की कोई खबर नहीं मिल रही है। झारखंड डिजिटल की टीम को जब यह जानकारी मिली तो टीम ने आनन फानन में लापता रामप्रसाद के परिजनों से सम्पर्क किया। राम प्रसाद घोष के बड़े भाई देव घोष से बातचीत की, जिन्होंने बताया कि बीते दिनों से भाई से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा और उनका फोन भी “नॉट रीचेबल” बता रहा है।
कौन हैं रामप्रसाद
राम प्रसाद घोष का परिवार रांची के कोकर स्थित रोड नंबर 12, हैदर अली रोड में रहता है, और परिवार में पापा, भाई, भाभी और भतीजा उनका इंतजार कर रहे हैं। देव ने बताया कि राम प्रसाद इसी साल फरवरी में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट कंपनी में एडमिन के पद पर नियुक्त हुए थे और वहीं कार्यरत थे। परिवार सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर लगातार संपर्क कर रहा है, लेकिन अब तक फोन नहीं लग पाया है। फिलहाल परिवार सिर्फ राहत भरी खबर का इंतजार कर रहे है। इस मामले में झारखंड डीजिटल की टीम भी लगातार प्रयास कर रही है पीड़ित परिवार को सहायत मिल पाए.
300 से ज्यादा भारतीय भी लापता, यूपी-बिहार में अलर्ट जारी
बता दे नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक इस भीषण बाढ़ में 300 से ज्यादा भारतीय नागरिक भी लापता हैं। तेज जलप्रवाह और बाढ़ के मद्देनज़र भारत में यूपी-बिहार में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। काठमांडू पोस्ट के मुताबिक नौ जलविद्युत परियोजनाएं और कमर्शियल बैंकों की नौ शाखाएं तबाह हो गई हैं, जबकि 19 पुल और करीब 40 किलोमीटर राजमार्ग बह गए हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार अब तक 165 लोगों की मौत हो चुकी है और लापता लोगों की संख्या बढ़कर 826 हो गई है, जिनमें 579 पर्यटक, 85 सुरक्षाकर्मी और 162 हाइड्रोपावर व सीमा शुल्क कर्मचारी शामिल हैं। नेपाल में खोजबीन युद्धस्तर पर जारी है।
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