Wednesday, October 14
रांची: खेलो इंडिया अस्मिता वुशु लीग रांची का सोमवार को आचार्यकुलम स्कूल में सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रतियोगिता में रांची के विभिन्न स्कूलों और क्लबों से सब-जूनियर, जूनियर एवं सीनियर वर्ग की 200 से अधिक महिला खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा व खेल कौशल का प्रदर्शन किया।
अस्मिता लीग का उद्देश्य महिला खिलाड़ियों को खेलों के लिए प्रोत्साहित करना, उन्हें बेहतर प्रतियोगी मंच उपलब्ध कराना, नई प्रतिभाओं की पहचान करना और खेलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। रांची में आयोजित इस लीग ने बड़ी संख्या में महिला खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर दिया।

आचार्यकुलम स्कूल बना चैंपियन

प्रतियोगिता में आचार्यकुलम स्कूल ने प्रथम स्थान हासिल किया। सिल्ली की टीम दूसरे स्थान पर रही, जबकि के.सी. रॉय स्कूल और मांडर की टीम संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रही।

स्वामी दिव्यानंद ने किया था उद्घाटन

लीग के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि स्वामी दिव्यानंद रहे। उन्होंने शिवेंद्र दुबे, रत्नेश कुमार, शैलेन्द्र दुबे, सुशील कच्छप और दीपक गोप के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए स्वामी दिव्यानंद ने कहा कि हार से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर नए संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को निरंतर मेहनत करते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

समापन समारोह में खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. मधुकांत पाठक, महासचिव, झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन रहे। विशिष्ट अतिथियों में प्रोफेसर मुकुंद मेहता, चंचल भट्टाचार्य और अरविंद सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अतिथियों ने विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों को पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। आयोजकों की ओर से अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी अंजना कुमारी महतो सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान हाल ही में बाटुमी इंटरनेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर लौटीं अंतरराष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी अंजना कुमारी महतो को भी सम्मानित किया गया। उनके साथ उनके कोच को भी अतिथियों ने सम्मानित किया।
अंजना की उपलब्धि ने लीग में शामिल युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और यह संदेश दिया कि स्थानीय स्तर पर मिलने वाले अवसर आगे चलकर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सकते हैं।

‘बेटियों को अवसर मिले तो वे कर सकती हैं कमाल’

अस्मिता वुशु लीग ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बेटियों को अवसर, बेहतर प्रशिक्षण और उचित मंच मिले तो वे खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें प्रतिस्पर्धी माहौल का अनुभव भी प्रदान करते हैं।
लीग के सफल संचालन में दीपक गोप, कार्तिक राम, लक्ष्य सोरेन, आकाश उरांव, प्रिया गाड़ी, पल्लवी, प्रतिमा कुमारी, दुला किसपोट्टा, वासुदेव टोप्पो, ध्रुव द्विवेदी, अमन कुमार, अविनाश कोइरी और कंचन तिग्गा सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इसे भी पढ़े – पानी बचाने से समृद्धि तक: ‘बार्टरवाटर’ मॉडल में प्रकृति, तकनीक और समुदाय का नया संगम

Share.
Next Story
छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में BJP का बड़ा ऐलान, 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान
Exit mobile version