रांची: फर्टिलिटी और रिप्रोडक्टिव हेल्थकेयर के क्षेत्र में काम कर रहे अवेटा आईवीएफ ने मंगलवार को अपनी 10वीं वर्षगांठ मनाई। रांची स्थित अवेटा आईवीएफ सेंटर में आयोजित समारोह में डॉक्टरों, चिकित्सा विशेषज्ञों, कर्मचारियों, सहयोगियों, मरीजों और उनके परिवारों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चला।
समारोह में अवेटा आईवीएफ से इलाज करा चुके कई परिवार अपने बच्चों के साथ पहुंचे। बच्चों के साथ पहुंचे इन परिवारों ने संस्था के साथ अपनी यात्रा और अनुभव साझा किए। उनकी मौजूदगी समारोह का खास आकर्षण रही।
अवेटा आईवीएफ के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में संस्थान ने 10 हजार से अधिक सफल केस पूरे किए हैं। संस्था ने इस उपलब्धि को चिकित्सा विशेषज्ञता, आधुनिक तकनीक और मरीजों के भरोसे का परिणाम बताया। संस्था की ओर से आधुनिक फर्टिलिटी तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों की टीम और मरीज-केंद्रित उपचार के जरिए सेवाएं उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई।
वर्षगांठ के मौके पर संस्था से जुड़े डॉक्टरों, कर्मचारियों और अन्य योगदानकर्ताओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान अवेटा आईवीएफ की 10 वर्षों की यात्रा और मरीजों से जुड़ी सफलता की कहानियां साझा की गईं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. रूपाश्री ने संस्था के सफर को याद करते हुए इलाज के बाद जन्मे बच्चों और उनके परिवारों को देखकर खुशी जताई। वहीं, अवेटा आईवीएफ के निदेशक डॉ. ऋषि रंजन ने 24×7 ओपीडी, रविवार को भी चिकित्सा सुविधा और उपचार में नैतिकता एवं पारदर्शिता पर जोर दिया।
डॉ. शेषा सिन्हा ने मरीजों को प्राथमिकता देने वाले उपचार पर बात करते हुए कहा कि इलाज से जुड़े हर निर्णय में मरीज के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वहीं, अंकुर अस्पताल के डॉ. दीपक ने कहा कि आईवीएफ की प्रक्रिया बच्चे के जन्म के साथ खत्म नहीं होती, बल्कि स्वस्थ बच्चे के जन्म और उसके आगे के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है।
झारखंड-बिहार में विस्तार
अवेटा आईवीएफ के वर्तमान सेंटर रांची, पटना, गया, समस्तीपुर और हाजीपुर में संचालित हो रहे हैं। संस्था के अनुसार, जल्द ही हजारीबाग और देवघर में भी नए सेंटर शुरू किए जाएंगे। इसके जरिए झारखंड और बिहार के अधिक से अधिक परिवारों तक आधुनिक फर्टिलिटी उपचार और विशेषज्ञ सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य है।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई। इसके बाद इंटरैक्टिव सेशन और लंच का आयोजन किया गया। समारोह में डॉ. अर्चना, डॉ. राव, डॉ. राजेश, सी.पी. सिंह, मेयर रोशनी खलखो, समाजसेवी रमेश सिंह, भाजपा रांची के जिला अध्यक्ष वरुण साहू और रांची के पूर्व सांसद रामटहल चौधरी भी शामिल हुए।
कार्यक्रम के बाद मरीजों और उनके परिवारों के लिए सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए गए। माता-पिता और बच्चों के लिए इंटरैक्टिव एक्टिविटीज और गेम्स भी रखे गए। संस्था ने 10वीं वर्षगांठ को अपने एक दशक के सफर और मरीजों के साथ बने विश्वास को समर्पित बताया।
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