रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित फर्जीवाड़े की जांच कर रही सीआईडी ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने टेक्नोक्रेट्स डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के मार्केटिंग मैनेजर रहे अभय तिवारी की पत्नी और उसके सगे भाई को गिरफ्तार किया है। अभय तिवारी को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
सीआईडी की जांच में दोनों पर जेपीएससी और झारखंड एसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित तरीके से सफलता हासिल करने का आरोप सामने आया है। जांच एजेंसी अब इस पूरे मामले में परीक्षा फर्जीवाड़े के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
डिजिटल साक्ष्यों से सामने आई जानकारी
सीआईडी के मुताबिक, मुख्य आरोपी अभय तिवारी से पूछताछ और उसके कब्जे से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। जांच एजेंसी का दावा है कि डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों से संकेत मिले कि अभय तिवारी ने TDPL में अपनी पहुंच और प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने भाई और पत्नी को परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने में मदद की।
जांच के अनुसार, दोनों अभ्यर्थियों ने कथित फर्जीवाड़े और अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर परीक्षा की मेरिट लिस्ट में जगह बनाई। इन साक्ष्यों के आधार पर सीआईडी ने दोनों को गिरफ्तार किया है।
कितने अभ्यर्थियों को मिला फायदा, जांच जारी
अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा के आधार पर सीआईडी अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित सिंडिकेट के जरिए JPSC और JSSC CGL परीक्षाओं में कितने अन्य अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
इसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीआईडी डिजिटल साक्ष्यों, दस्तावेजों और पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
कोर्ट में पेशी की तैयारी
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को सीआईडी अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी कर रही है। जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसी दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर सकती है।
फिलहाल सीआईडी की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा फर्जीवाड़े में कौन-कौन लोग शामिल थे, किस स्तर पर कथित गड़बड़ी हुई और इसका लाभ कितने अभ्यर्थियों को मिला।
इसे भी पढ़े –PM मोदी को मृत दर्शाने वाली Instagram पोस्ट पर भाजपा ने की शिकायत, साइबर जांच और कार्रवाई की मांग


