राजधानी रांची के रिम्स में बच्चों के हृदय रोग और हार्ट ऑपरेशन को लेकर एक विशेष कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की स्क्रीनिंग और जांच की गई । जांच में हृदय रोग से पीड़ित पाए जाने वाले बच्चों का इलाज और हार्ट ऑपरेशन नि:शुल्क किया जाएगा।
रिम्स में आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड के अलग-अलग जिलों से हृदय रोग से पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों को बुलाया गया और बच्चों की स्क्रीनिंग और जांच की गयी । स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिन बच्चों में हृदय रोग की पुष्टि होगी, उनका इलाज और जरूरी होने पर हार्ट ऑपरेशन नि:शुल्क कराया जाएगा, साथ ही जरूरत पड़ने पर बच्चों को इलाज के लिए कोच्चि भी भेजा जाएगा।
सरकार ने अमृता अस्पताल, केरल और सत्य साईं अस्पताल के साथ टाई-अप किया है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार की यह पहल अब रंग ला रही है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में करीब 380 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई जिसमे राज्य के अलग अलग जिलो से बच्चे शामिल हुए।
‘योजना वरदान से काम नहीं ‘
उन्होंने कहा कि कई ऐसे गरीब और असहाय परिवार हैं, जो अपने बच्चों के दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी का इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे परिवारों के लिए सरकार की यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है सरकार का लक्ष्य झारखण्ड को आत्मनिर्भर बनाना है कि जिसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है साथ ही एक साल के भीतर रिम्स में ही बच्चों के हार्ट ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराना है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों के हार्ट ऑपरेशन के लिए सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों की जरूरत है। डॉक्टरों की जल्द नियुक्ति की जाएगी और आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
हालाँकि ये सारे दावे झारखण्ड सरकार के स्वस्थ्य विभाग की ओर से किये गए है अब देखना ये होगा कि ये दावे जमीनी हकीकत में कब बदलती है।
