रांची। रांची रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के दौरान यात्रियों को होने वाली संभावित परेशानियों और स्टेशन के आसपास बढ़ने वाले यातायात के दबाव को देखते हुए झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने रेलवे से वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में शुक्रवार को फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम करुणानिधि सिंह से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा कि रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 के पुराने भवन को तोड़कर नए भवन का निर्माण शुरू होने से यात्रियों के आवागमन और वाहनों का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए पहले से वैकल्पिक व्यवस्था करना जरूरी है।
उन्होंने सुझाव दिया कि मुरी की ओर से आने वाली ट्रेनों का ठहराव नामकुम रेलवे स्टेशन और लोहरदगा की ओर से आने वाली ट्रेनों का ठहराव पिस्का स्टेशन पर करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। इसके अलावा आउटर ओवरब्रिज की ओर से भी वैकल्पिक आवागमन मार्ग खुला रखने का आग्रह किया गया।
चरणबद्ध तरीके से हटेगा प्लेटफॉर्म-1 का पुराना भवन
चैंबर प्रतिनिधिमंडल को डीआरएम करुणानिधि सिंह ने स्टेशन पुनर्विकास के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्लेटफॉर्म संख्या-1 के पुराने भवन को एक साथ नहीं हटाया जाएगा, बल्कि चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य किया जाएगा, ताकि यात्रियों को आवागमन में परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए पुराने प्लेटफॉर्म संख्या-1 के बाहर फूड प्लाजा के पास टिकट काउंटर की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा पार्सल कार्यालय की ओर से भी यात्रियों के आवागमन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। स्टेशन का फुट ओवरब्रिज भी पहले की तरह चालू रहेगा, जिससे यात्रियों को स्टेशन परिसर में आने-जाने में सहूलियत होगी।
स्टेशन के चारों ओर 22 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव
बैठक में स्टेशन के आसपास यातायात और पार्किंग की समस्या पर भी चर्चा हुई। डीआरएम ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए स्टेशन के चारों तरफ करीब 22 मीटर सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव है। इसके साथ ही यात्रियों और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए साउथ ईस्टर्न रेलवे के खेल मैदान को पार्किंग स्थल में बदलने की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है।
चैंबर के महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों की सुविधा बनाए रखने और आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए रेलवे तथा संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
वहीं, चैंबर के डीआरयूसीसी सदस्य विवेक अग्रवाल ने कहा कि रांची रेल मंडल की ओर से प्रस्तावित व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस बैठक में चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल, उपाध्यक्ष विकास विजयवर्गीय, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव अमित शर्मा, पूजा ढाढा, कोषाध्यक्ष नवजोत अलंग, कार्यकारिणी सदस्य राम बांगड़ और डीआरयूसीसी सदस्य विवेक अग्रवाल शामिल थे।
