Sunday, October 25

रांची: राजधानी रांची को व्यवस्थित, सुगम और आधुनिक शहर बनाने को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नगर विकास एवं आवास तथा पथ निर्माण विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। झारखंड मंत्रालय में हुई बैठक में रोड नेटवर्क, ट्रैफिक व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, वेंडर मार्केट, पार्क, मास्टर प्लान और शहरी सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि शहरों का विकास केवल सड़क और भवन बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि आम लोगों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिलना भी विकास का हिस्सा है।

सड़क बने तो साथ में ड्रेनेज भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण के साथ ड्रेनेज सिस्टम को अनिवार्य रूप से परियोजना का हिस्सा बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क के दोनों किनारों पर जल निकासी और पैदल चलने वालों के लिए पर्याप्त जगह पहले से निर्धारित होनी चाहिए।

बारिश के दौरान जिन इलाकों में जलजमाव की समस्या होती है, उन्हें चिन्हित कर वहां प्रभावी ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करने को कहा गया। पहले से बनी सड़कों पर जल निकासी की समस्या होने पर तकनीकी अध्ययन कर जरूरी सुधार करने के भी निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सड़क निर्माण के दौरान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखा जाए, ताकि बाद में बार-बार सड़क काटने या अनियोजित निर्माण की स्थिति न बने।

अनावश्यक रोड कट बंद होंगे, बसों का तैयार होगा पूरा डेटा

रांची की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शहर में मौजूद अनावश्यक रोड कटों को चिन्हित कर बंद करने का निर्देश दिया गया। वाहनों के लिए सुरक्षित टर्निंग की व्यवस्था निर्धारित चौक-चौराहों से करने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा शहर में चलने वाली बसों की संख्या, उनके रूट और समय-सारणी का पूरा डेटा तैयार करने को कहा गया, ताकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके और यातायात का दबाव कम हो।

हर वार्ड में वेंडर मार्केट की दिशा में काम

सड़क किनारे ठेला, गुमटी और अन्य स्वरोजगार के जरिए आजीविका चलाने वाले वेंडर्स को लेकर भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वेंडर्स को हटाने के बजाय उन्हें व्यवस्थित और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में काम होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने हर वार्ड में जरूरत के अनुसार वेंडर मार्केट विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि सड़क किनारे अनियोजित वेंडिंग से होने वाले जाम और भीड़ को कम किया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि व्यवस्था बनाने के नाम पर वेंडर्स की आजीविका प्रभावित न हो।

लटकते तारों का भी होगा समाधान

शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर लटकते बिजली, टेलीकॉम और अन्य केबल तारों को व्यवस्थित करने का भी निर्देश दिया गया। खंभों और पेड़ों पर लटक रहे अनावश्यक या अनुपयोगी तारों को चिन्हित कर हटाने और उपयोगी तारों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तारों का अनियोजित जाल केवल शहर की सुंदरता खराब नहीं करता, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। नए केबल बिछाने के दौरान भी निर्धारित मानकों का पालन करने और बार-बार सड़क की खुदाई रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की होगी पहचान

मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सड़क किनारे अतिक्रमण और अनियोजित वेंडिंग की समस्या का समाधान करते हुए संबंधित लोगों को वैकल्पिक और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

रांची के साथ दूसरे शहरों का भी होगा सुनियोजित विकास

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों की विकास योजना केवल रांची तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। राज्य के दूसरे प्रमुख शहरों को भी आधुनिक और बेहतर शहरी सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम किया जाए।

इसके लिए शहरों को जोनवार विभाजित कर आबादी और स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विकास की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। मास्टर प्लान में सड़क, यातायात, ड्रेनेज, स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, वेंडर व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन, पार्क और हरित क्षेत्र जैसे सभी पहलुओं को शामिल करने को कहा गया।

योजनाओं में देरी पर CM का सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने सभी विकास योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण और तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि विकास योजनाओं का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव सुनील कुमार, रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री, वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन समेत संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं अधिकारी मौजूद रहे।

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