Wednesday, September 9

जल संरक्षण और सिंचाई क्षमता बढ़ाने को लेकर झारखंड ने नई दिल्ली में आयोजित जल जीवन मिशन (JJM) Departmental Summit 2026 में अपनी प्राथमिकताएं और आगे की रणनीति सामने रखी। सुषमा स्वराज भवन में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के समापन सत्र में जल संसाधन विभाग के मंत्री हफीजुल हसन और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने राज्य की जल प्रबंधन योजनाओं और भविष्य की जरूरतों पर विस्तार से बात रखी।

80 फीसदी बारिश का पानी बह जाता है, संचयन पर जोर

मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि झारखंड में करीब 30 प्रतिशत वन क्षेत्र है और राज्य का बड़ा हिस्सा पठारी भू-भाग में आता है। ऐसे में बारिश के पानी का बेहतर तरीके से संचयन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि राज्य में होने वाली करीब 80 प्रतिशत वर्षा का पानी बह जाता है। सरकार का प्रयास है कि इस पानी को रोककर संरक्षित किया जाए और सालभर इसका उपयोग किया जा सके।

24.25 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता, अब तक 10 लाख हेक्टेयर विकसित

सिंचाई की संभावनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि झारखंड में करीब 24.25 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित करने की संभावना है, लेकिन अब तक लगभग 10 लाख हेक्टेयर क्षमता ही विकसित हो सकी है। ऐसे में सरकार का फोकस नई परियोजनाएं शुरू करने के साथ-साथ पहले से मौजूद सिंचाई ढांचे का अधिकतम उपयोग करने पर भी है।

नहरों से खेतों तक पानी पहुंचने के दौरान होने वाले रिसाव को कम करने और खेत के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए भी ठोस कदम उठाने की बात कही गई।

3 हजार करोड़ की परियोजनाओं के लिए केंद्र से सहयोग

झारखंड सरकार ने पटमदा-बोड़ाम और नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं के साथ पलामू के अमानत बराज के बाकी कामों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई गई।

जलाशयों की गाद निकासी से लेकर AI तक पर जोर

सम्मेलन में जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। इसमें जलाशयों की गाद निकासी, तालाबों और आहरों का जीर्णोद्धार, बाढ़ और सूखा प्रबंधन के लिए रियल-टाइम सूचना प्रणाली और फोरकास्टिंग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा जल प्रबंधन में AI और Digital Twin जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने की बात कही गई।

अनुभव साझा करने से मजबूत होगी जल सुरक्षा

हफीजुल हसन ने कहा कि अलग-अलग राज्यों के बीच जल प्रबंधन से जुड़े अनुभवों और बेहतर तरीकों का आदान-प्रदान देश की जल सुरक्षा को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के जरिए राज्य को जल-सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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