Wednesday, September 9

16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते खतरों से बचाने के लिए सख्त नियम बनाने की मांग की गई है। इस संबंध में ज्योति शर्मा ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को एक बार फिर शिकायत भेजी है। यह शिकायत पहले 5 फरवरी 2026 और 11 अगस्त 2026 को भेजी गई शिकायतों के आगे की कड़ी है।

शिकायत में कहा गया है कि बच्चों को सोशल मीडिया पर हानिकारक सामग्री, जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल की आदत, ऑनलाइन गेमिंग और कई तरह के ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए पहले से मजबूत व्यवस्था जरूरी है। इसमें कहा गया है कि सरकार को किसी बड़ी घटना या गंभीर नुकसान का इंतजार करने के बजाय बच्चों की सुरक्षा के लिए पहले से कदम उठाने चाहिए।

बच्चों की उम्र की जांच के लिए मजबूत व्यवस्था की मांग

शिकायत में सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर उम्र की जांच की मजबूत और बच्चों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने वाली व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। खास तौर पर 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह व्यवस्था जरूरी बताई गई है।

इसके साथ ही बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उन फीचर्स पर उम्र के हिसाब से रोक लगाने की मांग की गई है, जिनसे उन्हें नुकसान हो सकता है।

आत्महत्या और खतरनाक सामग्री से बचाने की मांग

बच्चों को आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री, साइबर बुलिंग, यौन शोषण, खतरनाक ऑनलाइन चैलेंज और दूसरी हानिकारक सामग्री से बचाने के लिए प्लेटफॉर्म पर जरूरी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों से यह भी सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि उनके सिस्टम बच्चों को बार-बार ऐसी सामग्री न दिखाएं, जो उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है या सोशल मीडिया की लत बढ़ा सकती है।

ऐप और सोशल मीडिया के डिजाइन की भी जांच हो

बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के डिजाइन की भी जांच कराने की मांग की गई है। इसमें यह देखा जाए कि कहीं प्लेटफॉर्म के ऐसे फीचर तो नहीं हैं, जो बच्चों को लंबे समय तक ऑनलाइन रहने के लिए मजबूर या आकर्षित करते हैं। इसके अलावा माता-पिता के लिए आसान और मजबूत पैरेंटल कंट्रोल तथा स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट की सुविधा देने की मांग भी की गई है।

बच्चों पर सोशल मीडिया के असर का हो स्वतंत्र मूल्यांकन

शिकायत में बच्चों और किशोरों पर सोशल मीडिया के असर का नियमित रूप से स्वतंत्र मूल्यांकन कराने की बात कही गई है। इसके लिए सरकार से बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों, शिक्षकों, अभिभावकों और टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ चर्चा करने की भी मांग की गई है। साथ ही एक अंतर-मंत्रालयी या विशेषज्ञ समिति बनाने पर विचार करने का सुझाव दिया गया है, जो बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए समयबद्ध नियम तैयार करने की सिफारिश कर सके।

पहले भेजी गई शिकायतों पर भी मांगी गई जानकारी

ज्योति शर्मा ने MeitY से यह भी पूछा है कि 5 फरवरी 2026 और 11 अगस्त 2026 को भेजी गई उनकी शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने यह जानकारी मांगी है कि शिकायतों को किस विभाग या अधिकारी को भेजा गया, अब तक क्या कदम उठाए गए और क्या इस मुद्दे पर बाल अधिकार विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों, शिक्षकों, अभिभावकों और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म से बातचीत हुई है।

इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को लेकर उम्र आधारित नियम बनाने पर विचार कर रही है।

शिकायत में सरकार से इस पूरे मामले में समयबद्ध कार्रवाई और Action Taken Report (ATR) देने के साथ शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करने की मांग की गई है।

NHRC ने भी Instagram से जुड़े आरोपों पर लिया संज्ञान

इसी बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने Instagram पर पेड विज्ञापनों के जरिए कथित तौर पर बच्चों से जुड़ी यौन शोषण सामग्री (CSAM/CSEAM) तक पहुंच आसान होने के आरोपों का संज्ञान लिया है।

NHRC की प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) और दिल्ली पुलिस से दो सप्ताह के भीतर बिंदुवार Action Taken Report (ATR) मांगी है।

NHRC ने इस मामले में Meta की भूमिका को लेकर भी एक नया नियामकीय सवाल उठाया है। खास तौर पर Meta की Editor और Publisher की भूमिका को लेकर सवाल सामने आया है।

ऐसे में एक तरफ बच्चों को सोशल मीडिया के बढ़ते खतरों से बचाने के लिए सख्त और पहले से तैयार नियमों की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी तरफ NHRC की कार्रवाई ने भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा और उनकी जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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