गैंगस्टर फहीम खान के घर वर्ष 2004 में हुई अंधाधुंध फायरिंग के चर्चित मामले में करीब दो दशक बाद अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने शाहिद आलम, शहादत हुसैन और शूटर तनवीर आलम को दोषी करार दिया। अब तीनों की सजा के बिंदु पर अदालत 3 अक्टूबर को फैसला सुनाएगी।

AK-47 से हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
मामला 29 जनवरी 2004 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उस दिन धनबाद के वासेपुर में फहीम खान के घर पर AK-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। अचानक हुई गोलीबारी से घर में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान फहीम खान ने पड़ोसी की छत से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई थी।
बॉडीगार्ड की हुई थी मौत
इस अंधाधुंध फायरिंग में फहीम खान के बॉडीगार्ड, बिहार के अरवल निवासी विनोद शर्मा की गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के दौरान शाहिद आलम के पैर में भी गोली लगी थी।
लंबा चला ट्रायल
इस मामले में साबिर आलम के भाई शाहिद आलम, वासेपुर निवासी शहादत हुसैन और पटना निवासी कथित शूटर तनवीर आलम के खिलाफ अदालत में लंबे समय तक ट्रायल चला। करीब दो दशक तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद सोमवार को अदालत ने तीनों को दोषी ठहराया। इतने लंबे अंतराल के बाद आए इस फैसले को वासेपुर के चर्चित मामलों में अहम माना जा रहा है।
अब सजा पर टिकी निगाहें
दोषी करार दिए जाने के बाद अब सभी की नजरें 3 अक्टूबर पर हैं। उस दिन जिला एवं सत्र न्यायालय तीनों दोषियों की सजा की अवधि को लेकर अपना फैसला सुनाएगा। सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख सकते हैं।


